Knews Desk- पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद परिसर में एनडीए सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसी दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के साथ उनकी हुई संक्षिप्त बातचीत अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
संसद पहुंचने पर जयराम रमेश ने धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की और अंग्रेजी में कहा, “It happens.” इसके जवाब में प्रधान ने मुस्कुराते हुए कहा, “Nothing happened. I am a street fighter, not an AC room activist.”
प्रधान के इस बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उनका कहना था कि वह केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से जमीन पर संघर्ष करने वाली राजनीति से जुड़े रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में उन्होंने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। संसद में उनकी सहज मौजूदगी और आत्मविश्वास भरे अंदाज ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया। एनडीए के कई सांसदों ने भी उनका स्वागत कर उनका मनोबल बढ़ाया।
छात्र आंदोलन से जुड़ा रहा है प्रधान का इतिहास
धर्मेंद्र प्रधान का छात्र राजनीति से पुराना नाता रहा है। वर्ष 1997 में ओडिशा में प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए एक आंदोलन के दौरान वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। उस समय पुलिस लाठीचार्ज में वह घायल भी हुए थे।
करीब तीन दशक बाद, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच उन्हें शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इस कारण उनके पुराने छात्र आंदोलन और मौजूदा घटनाक्रम की तुलना भी की जा रही है।
बीजेपी ने दिया खुला समर्थन
इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के प्रति पूरा समर्थन जताया है। गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य नेताओं ने भी शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्रधान का इस्तीफा किसी राजनीतिक कमजोरी का संकेत नहीं, बल्कि जवाबदेही निभाने का उदाहरण है। पार्टी का मानना है कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह फैसला किया है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व भविष्य में धर्मेंद्र प्रधान को संगठन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल संसद में जयराम रमेश के साथ उनकी बातचीत और “स्ट्रीट फाइटर” वाला बयान राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है।