KNEWS DESK- पैक्ड फूड को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती जागरूकता के बीच खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था Food Safety and Standards Authority of India ने एक बिस्कुट कंपनी के दावों पर सवाल उठाए हैं। मामला 100% आटा, नो एडेड शुगर और डाइजेस्टिव जैसे दावों से जुड़ा है, जिन पर भ्रामक जानकारी देने की आशंका जताई गई है।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई, कंपनी से मांगा जवाब
यह कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद शुरू की गई। FSSAI ने संबंधित कंपनी से अपने उत्पाद पर किए गए दावों के समर्थन में दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगा है। संस्था का कहना है कि अगर तय समय में जवाब नहीं दिया गया तो आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
‘100% आटा’ दावे पर क्या मिला अंतर?
जांच में सामने आया कि कंपनी के बिस्कुट पैकेट पर 100% आटा लिखा गया था, जबकि वास्तविक संरचना में आटे की मात्रा लगभग 72.33% पाई गई। इस अंतर को लेकर दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
‘नो एडेड शुगर’ दावा भी जांच के घेरे में
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उत्पाद में माल्टोडेक्सट्रिन और ग्लूकोज सिरप जैसे तत्व मौजूद हैं। इसी आधार पर ‘नो एडेड शुगर’ के दावे को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्या यह दावा पूरी तरह सही और उपभोक्ता के लिए स्पष्ट है या नहीं।
‘डाइजेस्टिव’ शब्द पर वैज्ञानिक प्रमाण की मांग
Food Safety and Standards Authority of India ने कंपनी से यह भी पूछा है कि ‘डाइजेस्टिव’ शब्द का उपयोग किस वैज्ञानिक आधार पर किया गया है। संस्था ने इस दावे के समर्थन में ठोस वैज्ञानिक प्रमाण और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
उपभोक्ता हित में सख्त नियमों पर जोर
FSSAI का कहना है कि किसी भी खाद्य उत्पाद पर स्वास्थ्य या पोषण से जुड़े दावे केवल तभी मान्य होंगे जब उनके पीछे पर्याप्त वैज्ञानिक आधार हो। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को गलत या भ्रामक जानकारी से बचाना है।
कंपनी के पास 7 दिन का समय, आगे हो सकती है कार्रवाई
कंपनी को नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिनों का समय दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई संभव है।