Tata Motors-Mahindra EV: EV की रेस में Tata-Mahindra का कमाल, Energy Efficiency में Tesla और BYD को पछाड़ा, जानें ग्लोबल रैंकिंग में कौन आगे

KNEWS DESK- इलेक्ट्रिक व्हीकल की दुनिया में भारतीय ऑटो कंपनियों टाटा मोटर्स और महिंद्रा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ICCT की रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहनों की एनर्जी एफिशिएंसी के मामले में दोनों भारतीय कंपनियों ने Tesla और BYD जैसी दिग्गज कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और दुनियाभर की ऑटो कंपनियां नई तकनीक पर भारी निवेश कर रही हैं। इसी बीच International Council on Clean Transportation यानी ICCT की Global Automaker Rating रिपोर्ट में भारतीय कंपनियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। रिपोर्ट में टाटा मोटर्स और महिंद्रा के इलेक्ट्रिक वाहन ऊर्जा दक्षता के मामले में कई ग्लोबल कंपनियों से आगे रहे हैं।

रिपोर्ट में यह आकलन किया गया कि इलेक्ट्रिक वाहन एक किलोमीटर की दूरी तय करने में कितनी बिजली खर्च करते हैं। इसे वॉट-आवर प्रति किलोमीटर यानी Wh/km के आधार पर मापा गया। कम बिजली की खपत करने वाले वाहन को ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट माना जाता है। मूल्यांकन में वाहनों के वजन को भी ध्यान में रखा गया है।

एनर्जी एफिशिएंसी में टाटा मोटर्स नंबर वन

रिपोर्ट के अनुसार, एनर्जी एफिशिएंसी के मामले में टाटा मोटर्स ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 100 अंक हासिल किए। इस पैमाने पर शामिल 22 कंपनियों में टाटा सबसे आगे रही। महिंद्रा ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 89 अंक हासिल किए। वहीं Tesla को 79 और BYD को 69 अंक मिले। इन आंकड़ों के मुताबिक, इस खास पैमाने पर भारतीय कंपनियों के इलेक्ट्रिक वाहन कम ऊर्जा खपत के मामले में आगे दिखाई दिए।

क्या इसका मतलब Tata-Mahindra के EV सबसे बेहतर हैं?

एनर्जी एफिशिएंसी में आगे होने का मतलब यह नहीं है कि किसी कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन हर मामले में सबसे बेहतर हैं। किसी EV की ओवरऑल परफॉर्मेंस और कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल रणनीति का आकलन कई दूसरे मानकों के आधार पर भी किया जाता है। इनमें एक बार चार्ज करने पर मिलने वाली रेंज, चार्जिंग स्पीड, इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री, बाजार में उपलब्ध मॉडल, भविष्य के EV मॉडल, निवेश और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे कई पहलू शामिल होते हैं।

ओवरऑल रैंकिंग में Tesla का दबदबा

सभी मानकों को शामिल करने के बाद तैयार ओवरऑल रैंकिंग की तस्वीर अलग दिखाई देती है। रिपोर्ट के मुताबिक, Tesla 83 अंकों के साथ पहले स्थान पर रही। BYD ने 72 अंक हासिल करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं टाटा मोटर्स को ओवरऑल रैंकिंग में 33 अंक मिले और कंपनी 15वें स्थान पर रही। महिंद्रा 30 अंकों के साथ 17वें स्थान पर रही। यानी एनर्जी एफिशिएंसी में भारतीय कंपनियां आगे रहीं, लेकिन ओवरऑल EV रणनीति के मामले में अभी ग्लोबल कंपनियों से अंतर बना हुआ है।

पहली बार रिपोर्ट में शामिल हुआ भारत

ICCT की रिपोर्ट में दुनिया के छह प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजारों का अध्ययन किया गया है। खास बात यह है कि इस बार भारत को भी पहली बार इस मूल्यांकन में शामिल किया गया। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग और तेजी से विकसित होते पैसेंजर व्हीकल मार्केट को देखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महिंद्रा को भी पहली बार इस ग्लोबल रिपोर्ट में जगह मिली है।

टाटा मोटर्स और महिंद्रा का एनर्जी एफिशिएंसी में बेहतर प्रदर्शन भारतीय EV इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। हालांकि, ओवरऑल रैंकिंग बताती है कि बिक्री, तकनीक, मॉडल पोर्टफोलियो और EV रणनीति जैसे दूसरे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के पास आगे बढ़ने की अभी काफी गुंजाइश है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *