UP Scholarship 2026: किसानों और खेतिहर मजदूरों के बच्चों के लिए बड़ी खबर, अब सालाना मिलेगी 60 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश में किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य में सीएम कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलने वाली स्कॉलरशिप की राशि बढ़ाकर सालाना 60 हजार रुपये करने की घोषणा की गई है। पहले इस योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को सालाना 36 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। इसके साथ ही योजना में स्कॉलरशिप पाने वाले विद्यार्थियों की सीटें भी 1,410 से बढ़ाकर 2,820 कर दी गई हैं। इस फैसले से कृषि और उससे जुड़े विषयों की पढ़ाई करने वाले अधिक विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

हर महीने मिलेंगे 5 हजार रुपये

उत्तर प्रदेश में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से सीएम कृषक छात्रवृत्ति योजना संचालित की जाती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत पात्र विद्यार्थियों को अब हर महीने 5,000 रुपये की स्कॉलरशिप मिलेगी। पहले यह राशि 3,000 रुपये प्रति माह थी। इस तरह विद्यार्थियों को हर महीने 2,000 रुपये अधिक मिलेंगे। सालाना आधार पर स्कॉलरशिप की राशि 36,000 रुपये से बढ़कर 60,000 रुपये हो जाएगी। इस योजना के तहत कृषि के अलावा उद्यान, वानिकी, पशुपालन और इनसे संबंधित विषयों की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी लाभ दिया जाता है।

स्कॉलरशिप की सीटें 1,410 से बढ़कर 2,820 हुईं

सरकार ने स्कॉलरशिप की राशि बढ़ाने के साथ ही योजना के तहत लाभ पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी दोगुनी कर दी है। पहले जहां 1,410 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाती थी, वहीं अब 2,820 विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सकेगा। विश्वविद्यालयों और कृषि संस्थानों में स्कॉलरशिप पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 45 से बढ़ाकर 90 कर दी गई है। इसी तरह प्रत्येक कृषि महाविद्यालय में स्कॉलरशिप की सीटें 15 से बढ़ाकर 30 कर दी गई हैं।

कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों में कृषि स्नातक पाठ्यक्रम के लिए जूनियर की सीटें 25 से बढ़ाकर 50 कर दी गई हैं। इसके अलावा कृषि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में स्कॉलरशिप की सीटें 10 से बढ़ाकर 20 कर दी गई हैं। गृह विज्ञान के स्नातक पाठ्यक्रम में सीटों की संख्या 6 से बढ़ाकर 12 और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में 4 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है। वहीं, कृषि महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर स्कॉलरशिप की सीटें 10 से बढ़ाकर 20 और स्नातकोत्तर स्तर पर 5 से बढ़ाकर 10 कर दी गई हैं। यह योजना उत्तर प्रदेश के 11 कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि संस्थानों और 61 कृषि महाविद्यालयों में लागू है।

कौन उठा सकता है स्कॉलरशिप का लाभ?

सीएम कृषक छात्रवृत्ति योजना का लाभ किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चे उठा सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को संबंधित शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होगी। कृषि स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यूपी बोर्ड से 12वीं में कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है। वहीं, अन्य बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 85 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए स्नातक में कम से कम 70 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है।

कृषि की पढ़ाई करने वाले छात्रों को मिलेगी राहत

सीएम कृषक छात्रवृत्ति योजना में स्कॉलरशिप की राशि और सीटें बढ़ाने से उत्तर प्रदेश के किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी। कृषि, उद्यान, वानिकी, पशुपालन और संबंधित विषयों की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को अब पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी। योजना का लाभ लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता और पात्रता की जांच करनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी निर्देशों के लिए संबंधित कृषि विश्वविद्यालय, संस्थान या महाविद्यालय से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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