JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते गिरफ्तार, छात्रों के प्रदर्शन के बीच CID का बड़ा एक्शन

परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में झारखंड CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी उनसे कई दौर में पूछताछ कर चुकी थी।

Knews Desk- रांची में JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। इसी बीच झारखंड CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी, OMR शीट से छेड़छाड़ और परीक्षा माफिया से कथित सांठगांठ से जुड़े मामले में हुई है।

जांच एजेंसी के अनुसार, एल. खियांगते पर JPSC के अध्यक्ष पद पर रहते हुए ब्लैकलिस्टेड एजेंसी TDPL को काम दिलाने के बदले कथित तौर पर रिश्वत लेने का आरोप है। इस मामले में CID पहले से जांच कर रही थी। गिरफ्तारी से पहले खियांगते से करीब चार बार लंबी पूछताछ भी की जा चुकी थी। इसके बावजूद जांच में सामने आए तथ्यों और पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

CID की यह कार्रवाई गिरफ्तार किए गए आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ के बाद सामने आई जानकारी के आधार पर की गई। बताया जा रहा है कि अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को मामले से जुड़े कई अहम सुराग मिले। इन्हीं जानकारियों को आगे बढ़ाते हुए CID ने खियांगते से पूछताछ की और सोमवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

मामला उस समय और गंभीर हो गया था, जब JPSC परीक्षा में OMR शीट में कथित छेड़छाड़ और परीक्षा से जुड़े लोगों के बीच मिलीभगत के आरोप सामने आए। इन आरोपों की जांच CID कर रही है। जांच के दायरे में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई पहलुओं को शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि CID की कार्रवाई और मामले में बढ़ते दबाव के बीच एल. खियांगते ने 22 जुलाई को JPSC अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। अब उनकी गिरफ्तारी से परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच और तेज होने की उम्मीद है।

उधर, JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे समय में JPSC के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी ने मामले को और तूल दे दिया है।

CID अब इस पूरे मामले में कथित भ्रष्टाचार, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और संबंधित लोगों के बीच संभावित सांठगांठ की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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