KNEWS DESK- प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर दुनिया भर में काम बढ़ रहा है। ऐसे में एनवायरमेंटल साइंस और इससे जुड़े क्षेत्रों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए करियर के कई विकल्प मौजूद हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद वाइल्डलाइफ, फॉरेस्ट्री, पर्यावरण कानून और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ा जा सकता है।

पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियां बढ़ने के साथ इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की जरूरत भी बढ़ रही है। एनवायरमेंटल साइंस की पढ़ाई करने वाले छात्र सरकारी संस्थानों, रिसर्च ऑर्गनाइजेशन और प्राइवेट कंपनियों में अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयारी कर सकते हैं। देश के कई संस्थानों में इस क्षेत्र से जुड़े ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और रिसर्च प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं।
एनवायरमेंटल लॉ में बना सकते हैं करियर
पर्यावरण से जुड़े कानूनों और नियमों की जानकारी रखने वाले छात्रों के लिए एनवायरमेंटल लॉ एक विकल्प हो सकता है। एनवायरमेंटल लॉयर पर्यावरण कानूनों से जुड़े मामलों पर काम करते हैं और विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। 12वीं के बाद पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स किया जा सकता है। वहीं ग्रेजुएशन के बाद LLB के जरिए भी इस क्षेत्र में प्रवेश किया जा सकता है। पर्यावरण से जुड़े कानूनी मामलों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT से संबंधित कार्यों की समझ इस क्षेत्र में उपयोगी हो सकती है।
वाइल्डलाइफ बायोलॉजिस्ट का विकल्प
अगर आपकी रुचि वन्यजीवों, जैव विविधता और उनके संरक्षण में है, तो वाइल्डलाइफ बायोलॉजिस्ट के रूप में करियर बनाया जा सकता है। 12वीं में साइंस स्ट्रीम लेने के बाद बायोलॉजी, जूलॉजी या एनवायरमेंटल साइंस जैसे विषयों में उच्च शिक्षा हासिल की जा सकती है। इस क्षेत्र में रिसर्च, वन्यजीव संरक्षण, फील्ड स्टडी और जैव विविधता से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने के अवसर मिल सकते हैं। शुरुआती स्तर पर करीब 40 से 50 हजार रुपये मासिक वेतन के अवसर हो सकते हैं, हालांकि वास्तविक आय योग्यता, अनुभव, संस्थान और भूमिका के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
IFS बनकर करें वन संरक्षण का काम
वन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए इंडियन फॉरेस्ट सर्विस यानी IFS भी एक विकल्प है। IFS में भर्ती UPSC की परीक्षा के जरिए होती है। चयन के बाद अधिकारियों को वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी मिल सकती है। सरकारी सेवा होने के कारण वेतन और दूसरी सुविधाएं संबंधित सरकारी नियमों के अनुसार मिलती हैं।
एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में भी अवसर
टेक्निकल फील्ड में रुचि रखने वाले छात्र एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग का विकल्प चुन सकते हैं। इस क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण, वेस्ट मैनेजमेंट, जल गुणवत्ता, एयर क्वालिटी और पर्यावरण से जुड़ी तकनीकी समस्याओं पर काम किया जाता है। इसके लिए BTech के बाद MTech जैसी उच्च शिक्षा हासिल की जा सकती है। इस क्षेत्र में मिलने वाली सैलरी संस्थान, पद, योग्यता और अनुभव के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
इन संस्थानों में देख सकते हैं कोर्स
एनवायरमेंटल साइंस और इससे जुड़े क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोग्राम देखे जा सकते हैं। इनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), नई दिल्ली, IIT दिल्ली, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) और दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) जैसे संस्थान शामिल हैं।
इन संस्थानों में एनवायरमेंट से जुड़े अलग-अलग स्तर के कोर्स, रिसर्च प्रोग्राम और विशेषज्ञता के विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। किसी कोर्स में दाखिला लेने से पहले संबंधित संस्थान की मौजूदा पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया और कोर्स स्ट्रक्चर जरूर जांच लेना चाहिए।
पर्यावरण विज्ञान का क्षेत्र उन छात्रों के लिए एक विकल्प हो सकता है, जिन्हें प्रकृति, वन्यजीव, पर्यावरण संरक्षण, रिसर्च या टेक्निकल फील्ड में रुचि है। अपनी रुचि और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर छात्र इन अलग-अलग करियर विकल्पों में से दिशा चुन सकते हैं।