Knews Desk– मध्य प्रदेश के मंडला जिले से सामने आई एक घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के सुनेहरा माल गांव निवासी किडनी मरीज अजीत बरया की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि 108 एम्बुलेंस में सफर के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर खाली हो गया, जिससे समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल सकी और उनकी जान चली गई।
मृतक के परिवार का कहना है कि अजीत की हालत गंभीर थी और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ऑक्सीजन समाप्त हो गई। परिवार का दावा है कि यदि समय रहते ऑक्सीजन उपलब्ध हो जाती, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मरीज की बिगड़ती हालत और उसके माता-पिता की बेबसी दिखाई दे रही है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में परिजनों ने संबंधित व्यवस्था पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि 108 एम्बुलेंस सेवा निजी कंपनी के संचालन में है और उसका संचालन सीधे उनके नियंत्रण में नहीं है। इस बयान के बाद जिम्मेदारी तय करने को लेकर बहस तेज हो गई है।
घटना के बाद निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज की मौत हुई है, तो इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? यह घटना मंडला की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।