Knews Desk– उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिवा शर्मा की मौत का मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी बनाई गई श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। श्रद्धा के नेपाल जाने और वहां से लौटने की खबरों के बीच उसकी तलाश जारी है। वहीं, मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद पुलिस विभाग के भीतर भी कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है।शिवा शर्मा की मौत के मामले में पहले हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद डीसीपी सेंट्रल जोन विक्रांत वीर को पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। अब एसीपी हजरतगंज रजनीश कुमार वर्मा को भी पद से हटा दिया गया है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बीच पुलिस पर फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव बढ़ गया है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे समेत अन्य आरोपियों पर घोषित इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद श्रद्धा की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। रिपोर्टों के मुताबिक, श्रद्धा नेपाल में अपने ठिकाने बदल रही थी। बाद में उसके उत्तर प्रदेश लौटने और लखनऊ पहुंचने की खबर सामने आई, लेकिन पुलिस उसे पकड़ने में सफल नहीं हो सकी।इस बीच श्रद्धा दुबे पहली बार मीडिया के सामने आई और उसने शिवा शर्मा की हत्या के आरोपों को खारिज किया। श्रद्धा का दावा है कि शिवा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी। उसके मुताबिक, शिवा ने उसकी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से छलांग लगाई थी। उसने बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सामने लाने की मांग भी की है। श्रद्धा का कहना है कि फुटेज से घटना की सच्चाई स्पष्ट हो सकती है।
श्रद्धा ने शिवा के साथ अपने संबंधों और पैसों को लेकर भी कई दावे किए हैं। उसके अनुसार, वह शिवा को करीब चार महीने से जानती थी और दोनों के बीच लगभग ढाई महीने तक दोस्ती रही। उसने दावा किया कि शिवा पर 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज था और कर्ज देने वालों के फोन आने से वह परेशान रहता था। श्रद्धा ने यह आरोप भी लगाया कि शिवा उसके घर से पांच से छह लाख रुपये के आभूषण ले गया था। हालांकि, ये सभी श्रद्धा की ओर से किए गए दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।दूसरी ओर, शिवा शर्मा की मां ने पुलिस की कार्रवाई और श्रद्धा के लगातार वीडियो जारी करने पर चिंता जताई है। उनका सवाल है कि जब पुलिस के पास तकनीकी संसाधन हैं, तो वीडियो के स्रोत का पता क्यों नहीं लगाया जा रहा। परिवार निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा है।
फिलहाल, इस मामले में सबसे बड़ा सवाल श्रद्धा दुबे और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर है। पुलिस को घटना से जुड़े सभी दावों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर सच्चाई सामने लानी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।