Knews Desk- पंजाब के अमृतसर से मुंबई तक करीब 1660 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंची एक एक्सप्रेस ट्रेन के नीचे इंसानी पैर मिलने से रेलवे और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। यह घटना दुर्घटना का नतीजा है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है, इसका जवाब तलाशने में जीआरपी (Government Railway Police) जुटी हुई है। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के ललितपुर से एक अहम सुराग भी सामने आया है।
दरअसल, 17 जुलाई को ट्रेन संख्या 11058 अमृतसर–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) एक्सप्रेस मुंबई पहुंचने के बाद यार्ड में नियमित सफाई और तकनीकी निरीक्षण के लिए खड़ी की गई थी। सुबह करीब 6 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच अंडरगियर की जांच के दौरान कर्मचारियों ने देखा कि M2 कोच के पहियों और ट्रॉली के पास घुटने के नीचे का कटा हुआ इंसानी पैर फंसा हुआ है। यह देखकर कर्मचारियों ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा करने के बाद कटे हुए पैर को पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक जांच के लिए सेंट जॉर्ज अस्पताल भेज दिया।
पूरे रूट की जांच में जुटी पुलिस
घटना के कई दिन बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह पैर किस व्यक्ति का है और ट्रेन के नीचे कैसे पहुंचा। ट्रेन 15 जुलाई को अमृतसर से रवाना हुई थी और 17 जुलाई को दोपहर करीब 12:15 बजे मुंबई पहुंची। इस दौरान ट्रेन चालक या रेलवे स्टाफ की ओर से किसी हादसे या टक्कर की सूचना दर्ज नहीं कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने अमृतसर से मुंबई के बीच पड़ने वाले सभी रेलवे पुलिस थानों से संपर्क कर 15 से 17 जुलाई के बीच हुए रेल हादसों और आत्महत्या के मामलों का ब्योरा मांगा है।
ललितपुर से मिला अहम क्लू
जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के ललितपुर में हुए दो रेल हादसे पुलिस के रडार पर आए। इनमें से एक मामले को इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि मृतक के दोनों पैर सुरक्षित थे। जबकि दूसरे मामले में शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उसका एक पैर गायब था या नहीं।
अब जीआरपी ललितपुर के डॉक्टरों और स्थानीय पुलिस से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही ब्लड सैंपल का मिलान कराया जा रहा है। यदि रिपोर्ट मेल खाती है तो पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।
हर एंगल से हो रही जांच
जांच अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हर संभावना पर काम किया जा रहा है। शुरुआती आशंका है कि किसी रेल हादसे में व्यक्ति का पैर कटकर ट्रेन के अंडरकैरिज में फंस गया होगा और ट्रेन के साथ सैकड़ों किलोमीटर दूर मुंबई तक पहुंच गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं। इससे पहले भी कुछ मामलों में ट्रेन के नीचे कटे हुए मानव अंग मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इतनी लंबी दूरी तक किसी अंग का ट्रेन के साथ पहुंचना बेहद असामान्य माना जा रहा है।