KNews Desk – बॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर सुभाष घई ने अपने करियर में ‘कर्ज’, ‘राम लखन’, ‘खलनायक’, ‘परदेस’ और ‘ताल’ जैसी यादगार फिल्मों का निर्देशन किया है. उन्होंने कई कलाकारों को बड़े पर्दे पर खास पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई. हाल ही में टाइम्स नाउ के ‘दिल की बातें’ पॉडकास्ट में उन्होंने अपने फिल्ममेकिंग के सफर और कलाकारों के चुनाव को लेकर खुलकर बात की.
नए कलाकारों में क्या देखते हैं सुभाष घई?
सुभाष घई ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआती संघर्ष ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया. उन्होंने कहा कि वह नए कलाकारों की ओर इसलिए आकर्षित होते हैं, क्योंकि उनमें काम करने की भूख, विनम्रता और जुनून होता है.
फिल्ममेकर के मुताबिक, वह ऐसे कलाकारों को पसंद करते हैं जिनमें एटीट्यूड कम और काम को लेकर उत्साह ज्यादा हो. उन्होंने कहा कि जिन कलाकारों के नाम उनसे जुड़े हैं, उन सभी में अपने काम को लेकर जुनून था.
घई ने अपने करियर में अक्षय खन्ना, माधुरी दीक्षित, ऐश्वर्या राय और जैकी श्रॉफ जैसे कलाकारों के साथ काम किया और उन्हें यादगार फिल्मों का हिस्सा बनाया.
‘बॉबी’ से मिली बड़ी सीख
सुभाष घई ने बातचीत में दिग्गज फिल्ममेकर राज कपूर का भी जिक्र किया. उन्होंने राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ का उदाहरण देते हुए बताया कि फिल्म की सफलता या असफलता में सबसे अहम भूमिका फिल्ममेकर की होती है.
उन्होंने कहा कि ‘मेरा नाम जोकर’ के फ्लॉप होने के बाद राज कपूर ने ‘बॉबी’ बनाई, जो बड़ी हिट साबित हुई. इससे घई को यह सीख मिली कि फिल्ममेकर चाहे तो नए कलाकारों के साथ भी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है.
इसी सोच के चलते उन्होंने आगे मुख्य स्टार्स पर निर्भर रहने के बजाय नए चेहरों के साथ फिल्में बनाने का फैसला किया.
‘स्टार सिस्टम’ पर साधा निशाना
सुभाष घई ने मौजूदा बॉलीवुड के स्टार सिस्टम पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि आज वह इसी स्टार सिस्टम की वजह से फिल्में नहीं बना पा रहे हैं. उनके मुताबिक, अब छोटे स्तर के कलाकारों में भी काफी एटीट्यूड देखने को मिलता है. वह ऐसे माहौल में काम करने के बजाय प्रतिभा और जुनून वाले नए कलाकारों के साथ काम करना पसंद करेंगे.
सुभाष घई ने अपनी चर्चित फिल्म ‘ताल’ के सीक्वल ‘ताल 2’ को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने बताया कि फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है.
फिल्ममेकर की योजना इस प्रोजेक्ट में भी नए कलाकारों को मौका देने की है. ऐसे में अगर ‘ताल 2’ बनती है तो दर्शकों को इसमें नए चेहरों की जोड़ी और सुभाष घई की कहानी कहने की शैली का नया अंदाज देखने को मिल सकता है.