अजय देवगन ने चली बड़ी चाल, मोहनलाल की ‘दृश्यम 3’ से अब नहीं पड़ेगा कोई असर!

KNEWS DESK – इस साल सिनेमा प्रेमियों के लिए कई बड़ी फ्रेंचाइज़ी फिल्मों का इंतजार जारी है। जहां कुछ प्रोजेक्ट्स की रिलीज़ शुरू हो चुकी है, वहीं कई चर्चित सीक्वल्स अभी भी चर्चा में बने हुए हैं। इन्हीं में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही है अजय देवगन की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘दृश्यम 3’, जिसे लेकर लगातार नए अपडेट सामने आ रहे हैं।

‘दृश्यम 3’ को लेकर बढ़ी चर्चा

अजय देवगन की इस फिल्म को लेकर शुरुआत से ही यह माना जा रहा था कि यह एक बड़ा सिनेमाई दांव साबित हो सकती है। वजह यह है कि मलयालम ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइज़ी के निर्माता मोहनलाल अपनी अगली फिल्म को पहले ही रिलीज़ करने की तैयारी में हैं। ऐसे में दर्शकों के बीच यह सवाल उठने लगा था कि जब ओरिजिनल वर्जन पहले आ जाएगा, तो हिंदी रीमेक की कहानी कितनी असरदार रह पाएगी।

रिलीज़ टाइमिंग को लेकर चुनौती

इसी वजह से ‘दृश्यम 3’ को लेकर यह चर्चा तेज हो गई थी कि कहीं यह फिल्म जोखिम में तो नहीं आ जाएगी। बताया जा रहा है कि मेकर्स की कोशिश थी कि हिंदी वर्जन को भी मलयालम फिल्म के आसपास ही रिलीज किया जाए, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तालमेल नहीं बन सका। इसके चलते मलयालम वर्जन पहले रिलीज होने की संभावना बन गई है।

शूटिंग पूरी, अब पोस्ट प्रोडक्शन जारी

फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक ने हाल ही में जानकारी दी है कि ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है। फिलहाल फिल्म पर पैचवर्क और पोस्ट प्रोडक्शन का काम चल रहा है। मेकर्स ने इसकी रिलीज़ डेट 2 अक्टूबर तय की है।

अभिषेक पाठक के अनुसार, इस बार दर्शकों को एक अलग तरह का अनुभव मिलने वाला है। उनका कहना है कि हिंदी वर्जन की कहानी को मलयालम फिल्म से अलग दिशा में तैयार किया गया है।

हिंदी और मलयालम वर्जन में होगा बड़ा अंतर

निर्देशक ने बताया कि मलयालम ‘दृश्यम 3’ में फैमिली ड्रामा के तत्व ज्यादा मजबूत होंगे, जबकि हिंदी वर्जन को एक फैमिली थ्रिलर के रूप में पेश किया जा रहा है। उनका दावा है कि दोनों फिल्मों की कहानियां एक-दूसरे से काफी अलग होंगी और यही अंतर दर्शकों के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेलर आने के बाद साफ हो जाएगा कि दोनों वर्जन अपनी-अपनी जगह कितने अलग और प्रभावशाली हैं।

क्लाइमैक्स को लेकर बड़ा सस्पेंस

‘दृश्यम’ फ्रेंचाइज़ी की सबसे बड़ी ताकत इसका क्लाइमैक्स रहा है, और तीसरे भाग को लेकर भी यही रहस्य बनाए रखा गया है। अभिषेक पाठक के मुताबिक, इस फिल्म की कहानी पारंपरिक तरीके से नहीं लिखी जा सकती थी क्योंकि इसका पूरा आधार आखिरी मोड़ पर टिका होता है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले क्लाइमैक्स को तय किया और फिर उसी के आधार पर पूरी कहानी को पीछे से विकसित किया। उनका दावा है कि फिल्म का अंत दर्शकों के लिए बड़ा झटका साबित होगा।

निर्देशक ने यह भी साझा किया कि उनकी और मलयालम निर्देशक जीतू जोसेफ के बीच अच्छा तालमेल रहा है। दोनों ने एक-दूसरे के ड्राफ्ट्स को समझा और विचारों का आदान-प्रदान किया। हालांकि अंततः दोनों वर्जन अलग-अलग दृष्टिकोण के साथ तैयार किए गए हैं।

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