KNEWS DESK- कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों पर कथित रूप से पैलेट गन और बल प्रयोग किए जाने का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि आखिर छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने सवाल किया, “क्या छात्र आतंकवादी थे?” और कहा कि इस मामले पर सरकार को देश के सामने जवाब देना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपने भविष्य और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनकी मांगें जायज थीं, लेकिन उनके साथ लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और देश के नौजवानों से डरती है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पूरे शिक्षा तंत्र में विचारधारा के आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं। साथ ही कहा कि शिक्षा बजट लगभग ₹1.4 लाख करोड़ है, जबकि NEET की तैयारी और परीक्षाओं के जरिए छात्रों और उनके परिवारों से करीब ₹1.32 लाख करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ता है। प्रियंका गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री के सम्मान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक ओर महाराष्ट्र में एक परिवार अपनी बेटी की मौत का दुख मना रहा था, वहीं दूसरी ओर पूर्व शिक्षा मंत्री का स्वागत किया जा रहा था। उन्होंने इसे सरकार का अहंकार बताते हुए कहा कि जहां संवेदनशीलता दिखनी चाहिए, वहां उत्सव मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस सांसद ने मांग की कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।