KNEWS DESK- भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू दिव्या शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और भोपाल जिला अदालत—तीनों जगह एक साथ सुनवाई होने जा रही है। अगले 24 घंटे इस पूरे मामले की दिशा और दशा तय कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच इस केस में जांच प्रक्रिया, संस्थागत पक्षपात के आरोप और पुलिस व अस्पताल की भूमिका की समीक्षा करेगी। पूरे प्रदेश और देश की निगाहें इस अहम सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
इसी के साथ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भी इस मामले को लेकर सुनवाई होगी। यहां रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर विचार किया जाएगा। यह याचिका राज्य सरकार और दिव्या शर्मा के पिता की ओर से दाखिल की गई है, जिससे केस और भी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।
वहीं भोपाल जिला अदालत में भी एक अलग सुनवाई निर्धारित है। इसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से जुड़े मोबाइल कॉल डिटेल्स को सुरक्षित रखने और भोपाल एम्स के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने के आवेदन पर फैसला लिया जाएगा। इस कदम को जांच की पारदर्शिता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस पूरे मामले में लगातार नए सवाल उठ रहे हैं। परिवार और प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि न्यायिक हस्तक्षेप के बाद यह केस अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। रविवार को दिल्ली एम्स की टीम द्वारा दिव्या शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम किया गया था, जिसके बाद भोपाल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
तीन अलग-अलग अदालतों में एक ही दिन सुनवाई ने इस केस को और अधिक संवेदनशील और महत्वपूर्ण बना दिया है। अब सभी की नजरें अदालत के फैसलों पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में इस मामले की दिशा तय करेंगे।