KNEWS DESK- बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में लगी भीषण आग के बाद कई चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आग लगने के दौरान अस्पताल का स्टाफ मरीजों को छोड़कर मौके से भाग गया, जिससे कई मरीजों की जान खतरे में पड़ गई।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा तड़के करीब 3 बजे अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में हुआ। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। आग लगते ही पूरे वार्ड में धुआं भर गया, जिससे मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजनों का आरोप है कि उस समय आईसीयू का मुख्य गेट बंद था और मरीज समय पर बाहर नहीं निकल सके।
घटना में अपने पिता को खोने वाले एक परिजन ने दावा किया कि अस्पताल प्रशासन ने न तो समय पर मदद की और न ही बाद में शव सौंपने में सहयोग किया। उनका कहना है कि हादसे के बाद अस्पताल के कई कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारी मौके से गायब हो गए।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि जिस आईसीयू की क्षमता 13 बेड की थी, वहां 15 मरीज भर्ती थे। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य मरीज घायल हुए हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और करीब 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। साथ ही अस्पताल में सुरक्षा मानकों और लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जा रही है।