KNEWS DESK- शहर के ब्रह्मपुरा क्षेत्र स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू (ICU) में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई, जिससे झुलसने और दम घुटने के कारण तीन मरीजों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और अस्पताल परिसर में चीख-पुकार का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग रात करीब तीन बजे लगी। देखते ही देखते आईसीयू वार्ड धुएं से भर गया, जहां उस समय कई गंभीर मरीज भर्ती थे। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और अस्पताल में फंसे मरीजों तथा अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि आईसीयू में 13 बेड थे, लेकिन उस समय 15 मरीज भर्ती थे। अब तक तीन मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि आग की चपेट में आने से आईसीयू वार्ड के इंचार्ज भी झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य मरीजों को भी सुरक्षित निकालकर विभिन्न अस्पतालों में रेफर किया गया है।
हादसे के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मरीज गीता देवी के भतीजे धर्मेंद्र कुमार ने दावा किया कि आग लगने के समय आईसीयू में कोई अटेंडेंट मौजूद नहीं था। उनके अनुसार, जब तक अस्पताल कर्मी पहुंचे, तब तक पूरा वार्ड धुएं से भर चुका था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी चाची का शव अस्पताल के बाहर छोड़ दिया गया था, जिसे उन्होंने स्वयं तलाश कर बाहर निकाला।परिजनों का कहना है कि अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण स्थिति और गंभीर हो गई। घटना के बाद अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में परिजन जमा हो गए और अपने प्रियजनों की जानकारी के लिए परेशान नजर आए।
अस्पताल प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया है। प्रबंधन का कहना है कि वह प्रशासन के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है।
अग्निशमन विभाग के अधिकारी राम निवास पांडेय ने बताया कि फिलहाल तीन मौतों की पुष्टि हुई है, लेकिन सभी परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईसीयू में फैले धुएं के कारण कई मरीजों की हालत प्रभावित हुई है और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस दर्दनाक हादसे ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।