JPSC-JSSC Student Protest: JPSC छात्र आंदोलन के समर्थन में विधायक जयराम महतो का निर्जला उपवास

KNEWS DESK- झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रविवार, 9 अगस्त को छात्रों का विरोध प्रदर्शन 16वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को अब डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष जयराम महतो का भी समर्थन मिल गया है।

छात्रों की मांगों के समर्थन में जयराम महतो ने रविवार को 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने रांची के पुराने विधानसभा परिसर में सुबह 6:50 बजे से उपवास शुरू किया है। उनका कहना है कि इस पहल का मकसद आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज को सरकार तक पहुंचाना और उनकी मांगों की गंभीरता का एहसास कराना है।

25 जुलाई से आंदोलन कर रहे छात्र

जयराम महतो ने कहा कि छात्र 25 जुलाई से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन में कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं और लगातार उनकी तबीयत बिगड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की स्थिति गंभीर होने के बावजूद सरकार इस मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं ले रही है।

महतो ने कहा कि छात्रों की आवाज पूरे देश और दुनिया तक पहुंच रही है, लेकिन शायद राज्य सरकार तक उनकी आवाज नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि उनका निर्जला उपवास छात्रों की मांगों के समर्थन में है और इसके जरिए सरकार का ध्यान आंदोलन की ओर खींचने की कोशिश की जा रही है।

भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग

विधायक जयराम महतो ने टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से आयोजित JPSC और JSSC की सभी नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई है।

उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI और प्रवर्तन निदेशालय यानी ED से कराने की मांग की। महतो का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि छात्रों के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।

अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

जयराम महतो ने JPSC और JSSC के अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में किसी अधिकारी की कथित गड़बड़ी या घोटाले में संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। अगर किसी परीक्षा में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो छात्रों की शिकायतों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों का व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।

10 अगस्त को विधानसभा मार्च

छात्र आंदोलन के अगले चरण को लेकर भी तैयारी की जा रही है। जयराम महतो पहले ही 10 अगस्त को छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च में शामिल होने की घोषणा कर चुके हैं।

छात्रों की ओर से JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर रांची में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

सरकार से बातचीत का भी इंतजार

आंदोलन के बीच राज्य सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत का एक और दौर होने की बात सामने आई है। ऐसे में अब सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच होने वाली बातचीत पर है। जयराम महतो ने कहा कि अगर सरकार छात्रों की मांगों और उनकी स्थिति को गंभीरता से लेती है और कोई प्रभावी पहल होती है तो यह सकारात्मक कदम होगा। हालांकि, अगर बातचीत और पहल का कोई ठोस परिणाम नहीं निकलता है तो आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी और संघर्ष जारी रहेगा।

फिलहाल रांची में JPSC-JSSC छात्र आंदोलन को लेकर माहौल गर्म बना हुआ है। छात्रों के आंदोलन में विधायक जयराम महतो के शामिल होने और उनके 24 घंटे के निर्जला उपवास से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

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