क्या मोदी राज में तिरंगा लहराना पाप है… सौरव-रांका को जेल भेजने पर भड़के दिपके

Knews Desk- जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के मामले में CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया गया है। वहीं, अजिंक्य शिंदे को पर्सनल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई पर अभिजीत दिपके ने सवाल उठाते हुए अपने साथियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे। वहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के बाद स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया।

पुलिस ने अदालत में दलील दी कि सौरव दास और आशुतोष रांका को चार दिन पहले भी हिरासत में लिया गया था और शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया गया था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने दोबारा नियमों का उल्लंघन किया। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि तीनों नेताओं को गिरफ्तार किया गया और देर रात तक उन्हें वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। पुलिस ने उन पर प्रतिबंधों का उल्लंघन करने और सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए हैं।

यह मामला SIR के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया था। इसके बाद जंतर-मंतर को निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया गया। अभिजीत दिपके ने अपने साथियों की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने पर सवाल उठाए हैं। वहीं, CJP ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले की आलोचना की है।

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