दिल्ली में आमने-सामने INDIA गठबंधन और BJP, रामलीला मैदान के जवाब में पश्चिमी दिल्ली में मार्च

दिल्ली में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की रैली और बीजेपी के विरोध मार्च के चलते सियासी माहौल गरमा गया है। एक ओर रामलीला मैदान में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष आवाज उठा रहा है, तो दूसरी ओर बीजेपी 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है।

Knews Desk – राजधानी दिल्ली में रविवार, 1 नवंबर 2026 को दो बड़े राजनीतिक आयोजनों के कारण सियासी हलचल तेज है। रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित की जा रही है, वहीं बीजेपी ने पश्चिमी दिल्ली में विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। बीजेपी का मार्च हरि नगर बस डिपो से तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक प्रस्तावित है। यह मार्च करीब एक किलोमीटर का होगा और सुबह 11:30 बजे शुरू होने की जानकारी दी गई है।

दोनों राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), 1984 के सिख विरोधी दंगों और व्यापार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

बीजेपी ने अपने विरोध मार्च के जरिए कांग्रेस और INDIA गठबंधन को घेरने की रणनीति बनाई है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने के लिए ऐसी तारीख चुनी, जो 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद से जुड़ी है।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि इस तारीख पर रैली आयोजित करने से सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। बीजेपी इस मार्च को 1984 के दंगों के पीड़ितों के प्रति समर्थन और कांग्रेस के खिलाफ विरोध के रूप में पेश कर रही है।

हरदीप सिंह पुरी करेंगे मार्च की अगुवाई

प्रस्तावित मार्च की अगुवाई केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी करेंगे। इसमें करीब 5,000 लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया गया है। 1984 के दंगों में मारे गए लोगों के परिजनों और सिख समुदाय के सदस्यों के भी इसमें शामिल होने की बात कही गई है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा और बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज के भी मार्च में शामिल होने की जानकारी दी गई है। मार्च से पहले बीजेपी सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब में दंगा पीड़ित परिवारों के साथ मीडिया को संबोधित करेंगे।

बीजेपी ने कांग्रेस की रैली के समय और स्थान पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि दिवाली से पहले रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से यातायात प्रभावित हो सकता है और चांदनी चौक तथा सदर बाजार जैसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में कारोबार पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, बीजेपी ने त्योहारी भीड़, कानून-व्यवस्था और प्रदूषण संबंधी प्रतिबंधों के बीच इतने बड़े आयोजन को लेकर भी चिंता जताई है। ये पार्टी की ओर से उठाए गए मुद्दे हैं।

‘सेव डेमोक्रेसी, रिमूव अनार्की’ अभियान के तहत प्रदर्शन

बीजेपी ने अपने विरोध प्रदर्शन को ‘सेव डेमोक्रेसी, रिमूव अनार्की’ अभियान का हिस्सा बताया है। पार्टी के अनुसार, यह अभियान 22 अक्टूबर से शुरू हुआ था और 5 नवंबर तक चलेगा।

इस अभियान के जरिए बीजेपी चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने, SIR का बचाव करने और कांग्रेस तथा विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाने की कोशिश कर रही है।

दिल्ली में दोनों बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 10,000 पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में 4,000 से अधिक जवान तैनात किए जाने की जानकारी है। बीजेपी के मार्च वाले क्षेत्र में भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है।

केंद्रीय दिल्ली में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात डायवर्जन लागू रहने की जानकारी दी गई है। ऐसे में राजधानी में राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी नजर बनी हुई है।

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