KNEWS DESK- राहुल गांधी ने कहा- भारत की महिलाओं की ऊर्जा दबी हुई है, उन्हें अपनी बात कहने और अपनी पसंद का काम करने की आजादी मिलनी चाहिए। रिजिजू ने इसे कांग्रेस की सोच में सकारात्मक बदलाव बताते हुए महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन की उम्मीद जताई।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि भारत की महिलाओं के भीतर अपार ऊर्जा है, लेकिन वह अभी भी दबाई हुई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को खुद को व्यक्त करने, अपनी बात रखने और अपनी पसंद का काम करने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। राहुल गांधी की इस पोस्ट को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रीपोस्ट किया और कांग्रेस नेता के बदले सुर का स्वागत किया। रिजिजू ने कहा कि महिलाओं के प्रति राहुल गांधी की सोच में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस अब महिला आरक्षण विधेयक का भी बिना किसी शर्त के समर्थन करेगी।
राहुल बोले- महिलाओं की ऊर्जा दबी हुई है
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि भारत की महिलाओं की ऊर्जा दबी हुई है। उन्हें अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने या अपनी कल्पना के मुताबिक आगे बढ़ने की पूरी आजादी नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब तक वास्तविक रूप से सफल नहीं हो सकता, जब तक वहां की महिलाएं स्वतंत्र रूप से खुद को व्यक्त नहीं कर पातीं।
उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को केवल बिजनेस और राजनीति में उनकी भागीदारी तक सीमित रखने के खिलाफ भी बात की। राहुल गांधी के मुताबिक महिलाओं को घर के भीतर भी अपनी बात रखने और सार्वजनिक जगहों पर बिना किसी डर के आने-जाने की आजादी होनी चाहिए।
‘महिलाएं सवाल पूछें और अपनी बात रखें’
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए, भले ही उनके विचारों से दूसरे लोग सहमत न हों। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने माता-पिता, पति, भाई-बहन या समाज के किसी अन्य व्यक्ति से सवाल पूछने की आजादी होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर भारत को वास्तव में आगे बढ़ना है तो महिलाओं पर लगाए गए सामाजिक और पितृसत्तात्मक नियंत्रण को कम करना होगा। उनके मुताबिक महिलाओं को अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने और अपनी पसंद के अनुसार काम करने का अवसर मिलना चाहिए।
रिजिजू ने महिला आरक्षण बिल का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लेकर राहुल गांधी के विचारों में बदलाव नजर आ रहा है।
रिजिजू ने इसी आधार पर कांग्रेस से महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि अब उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का बिना किसी शर्त के समर्थन करेगी।
‘महिलाओं को अपनी मर्जी का काम करने दें’
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को उस बातचीत और निर्णय प्रक्रिया में वापस लाने की जरूरत है, जहां उनकी मौजूदगी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी बात कहने और अपनी इच्छा के मुताबिक काम करने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं देश की ताकत और सबसे बड़ी संपत्ति हैं। राहुल गांधी ने शिक्षा और कॉर्पोरेट सेक्टर समेत अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर भी सवाल उठाए।
राहुल गांधी की इन टिप्पणियों के बाद अब महिला अधिकारों और महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। रिजिजू के बयान ने इस मुद्दे को सीधे महिला आरक्षण विधेयक से जोड़ दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।