KNEWS DESK – पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं के बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता Amarinder Singh ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात की है। इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
पिछले कुछ समय से ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। इन चर्चाओं को तब और बल मिला था जब पंजाब कांग्रेस के नेताओं की ओर से यह संकेत दिए गए कि कैप्टन के कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अब भी अच्छे संबंध हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह लंबे समय तक कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे हैं और पंजाब की राजनीति में उनकी अलग पहचान है। ऐसे में उनके किसी भी राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं होना स्वाभाविक माना जा रहा है।
इसी बीच अमित शाह के साथ उनकी मुलाकात ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे पंजाब भाजपा और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में पंजाब भाजपा के अंदर कुछ मुद्दों को लेकर कैप्टन की नाराजगी की खबरें भी सामने आई थीं। प्रदेश नेतृत्व को लेकर उनकी असहमति और कुछ सार्वजनिक बयानों ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी थी। इसके अलावा उन्होंने कुछ मौकों पर कांग्रेस नेतृत्व की कार्यशैली की भी सराहना की थी, जिसके बाद उनकी वापसी की अटकलें और तेज हो गई थीं।
अब अमित शाह से मुलाकात के बाद माना जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह फिलहाल भाजपा में ही सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत दे रहे हैं। हालांकि इस मुलाकात के राजनीतिक मायने क्या हैं, इस पर अभी किसी भी पक्ष की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है।
पंजाब में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीतियों के मद्देनजर इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बैठक के असर और इसके पीछे की रणनीति को लेकर और तस्वीर साफ हो सकती है।
फिलहाल इतना तय है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और अमित शाह की मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है और सभी की नजरें अब कैप्टन के अगले कदम पर टिकी हैं।