ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के बांग्लादेश के Gen-Z आंदोलन को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। नेहा ने बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन को भारत के युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं, बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने इस बयान को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
Knews Desk – नेहा बोरा ने बांग्लादेश सोशलिस्ट स्टूडेंट फ्रंट की छठी राष्ट्रीय कांग्रेस के अवसर पर जारी एक विशेष वीडियो संदेश में अपनी बात रखी। उन्होंने बांग्लादेश के छात्र कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत में उभरती Gen-Z पीढ़ी पर वहां के संघर्षों का गहरा प्रभाव पड़ा है। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए युवाओं का सामूहिक संघर्ष दूसरे देशों के युवाओं को भी नई दिशा दे रहा है।
नेहा बोरा ने कहा कि बांग्लादेश में Gen-Z आंदोलन की शुरुआत हुई, जिसने भारत के युवाओं को भी रास्ता दिखाया। उन्होंने भारत और बांग्लादेश के छात्र आंदोलनों के बीच समानताओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के युवा भी लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए चल रहे आंदोलनों में हिस्सा ले रहे हैं और उनका नेतृत्व कर रहे हैं।
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों में भी सक्रिय रही हैं। इन प्रदर्शनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी आपत्ति जता रहे हैं।
नेहा बोरा के बयान पर बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने उन्हें राहुल गांधी की ‘पोस्टर गर्ल’ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन विरोध-प्रदर्शनों का उद्देश्य केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन करना है।
प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा के बयान को बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हुए दावा किया कि वह भारत में भी वैसी ही स्थिति चाहती हैं। इस तरह बांग्लादेश के Gen-Z आंदोलन को लेकर नेहा बोरा की टिप्पणी ने भारत में छात्र आंदोलनों और राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।