Knews Desk दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने उनके ठहरने की जगह पर रोका। दिपके कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित होने वाले तिरंगा मार्च में शामिल होने जा रहे थे। इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताना चाहती थी। हालांकि, पुलिस की ओर से नोटिस दिए जाने और हिरासत में लिए जाने की स्थिति के बीच अंतर स्पष्ट करना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें मार्च में शामिल न होने को लेकर नोटिस दिया था।CJP ने ‘लेहरा दो तिरंगा’ मार्च का ऐलान किया था। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर किया जाना था। दिपके ने इससे पहले आशंका जताई थी कि दिल्ली पुलिस उन्हें मार्च से पहले हिरासत में ले सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं और इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी उनके घर की निगरानी कर रहे हैं। ये आरोप दिपके की ओर से लगाए गए थे।
शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की टीम उस आवास पर पहुंची, जहां दिपके ठहरे हुए थे। यह आवास झंडेवालान इलाके में बताया गया है। पुलिस ने उन्हें नोटिस देकर कनॉट प्लेस में प्रस्तावित मार्च में शामिल न होने को कहा। पुलिस की ओर से इसके पीछे इलाके में लागू निषेधाज्ञा और मार्च के लिए अनुमति नहीं होने का हवाला दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में CJP के दो नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ हुई कार्रवाई भी है। पार्टी के मुताबिक, दोनों नेताओं को तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने के मामले में हिरासत में लिया गया था और वे न्यायिक हिरासत में हैं। अभिजीत दिपके ने अपने साथियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध करते हुए तिरंगा मार्च का ऐलान किया था। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन करने के लिए जेल जाने की नौबत भी आती है, तो वे इसके लिए तैयार हैं।
उधर, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद रखने की घोषणा की। दिल्ली पुलिस ने भी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए लोगों से प्रस्तावित मार्च में शामिल न होने की अपील की। इस बीच, तिरंगा मार्च को लेकर विवाद और बढ़ गया है। CJP जहां अपने विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बता रही है, वहीं पुलिस ने बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने और प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि अभिजीत दिपके के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है और CJP अपने प्रस्तावित तिरंगा मार्च को लेकर क्या कदम उठाती है। पुलिस की ओर से नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन केवल नोटिस जारी होने से गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं होती।