Knews Desk- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनकी ‘ग्रीन विजन’ और सतत विकास को बढ़ावा देने की वैश्विक प्रतिबद्धता की बड़ी पहचान माना जा रहा है। इस उपलब्धि के साथ पीएम मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों के लिए एक और प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के 1.4 अरब नागरिकों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी देशों और लोगों का है जो जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।
सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और सेशेल्स के मजबूत संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे कर रहा है। साथ ही दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की भी 50वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में दोनों देशों ने अपनी दोस्ती को विश्वास, सहयोग और जनकल्याण की साझेदारी में बदल दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंद महासागर ने सदियों से भारत और सेशेल्स के संबंधों को मजबूत किया है। व्यापार, संस्कृति और मानवीय रिश्तों के माध्यम से दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है और भविष्य में भी यह साझेदारी और मजबूत होगी।
यह पहला अवसर नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी को पर्यावरण और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक सम्मान मिला हो। इससे पहले मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें खाद्य सुरक्षा, कृषि सुधार और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’ से सम्मानित किया था। वहीं 2018 में उन्हें ‘सियोल शांति पुरस्कार’ और संयुक्त राष्ट्र का प्रतिष्ठित ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार भी मिल चुका है।
‘गार्जियन ऑफ द ब्लू हॉरिजन’ सम्मान भारत की वैश्विक पर्यावरण नीति और जलवायु नेतृत्व को भी नई पहचान देता है। हाल के वर्षों में भारत ने अक्षय ऊर्जा, हरित विकास, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है और दुनिया के साथ मिलकर पृथ्वी को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में कार्य करता रहेगा।