कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने राम शरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने पर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नौटियाल ने खुद देखा है कि बीजेपी के भीतर चीजें कैसे चल रही हैं। शैलजा ने उत्तराखंड सरकार पर भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने SIR प्रक्रिया के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।
Knews Desk – कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने राम शरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम शरण नौटियाल ने खुद देखा है कि बीजेपी के भीतर चीजें कैसे चल रही हैं। शैलजा के मुताबिक, नौटियाल अपनी पुरानी पार्टी और विचारधारा में लौटकर खुश हैं।
कुमारी शैलजा ने कहा, “उन्होंने खुद देखा है कि BJP के भीतर चीजें कैसे चल रही हैं। वे आपको खुद इस बारे में बताएंगे। वे अपनी पुरानी पार्टी और अपनी विचारधारा में वापस आकर सच में बहुत खुश हैं।” उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखने वाले और राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं पर भरोसा करने वाले लोगों को पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
कुमारी शैलजा ने उत्तराखंड की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के लोगों में सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि निवेश के नाम पर धोखा हो रहा है और लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। उनके मुताबिक, राज्य में हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है।
शैलजा ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड में कोई भी महिला, चाहे वह बेटी हो, बहन हो या बहू, सुरक्षित नहीं है। उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार व्याप्त होने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता ने वोटर लिस्ट में सुधार के लिए चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में तानाशाही चल रही है।
शैलजा के मुताबिक, जब विपक्षी गठबंधन INDIA और आम लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध मार्च निकालने की कोशिश की, तो सरकार ने दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग (ECI) के कार्यालय तक नहीं जाने दिया और केवल 10 नेताओं को राष्ट्रपति से मिलने की अनुमति मिली।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले ही देश के लोकतंत्र को लेकर चिंता जता चुके हैं। शैलजा ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग के दो बड़े अधिकारियों ने SIR प्रक्रिया के तौर-तरीकों पर आपत्ति जताई थी।
कुमारी शैलजा ने उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शैलजा ने बीजेपी सरकार पर दुष्यंत गौतम को बचाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि सरकार अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने में क्यों विफल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता के परिवार को उचित सहायता देने के बजाय उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी मामले से निपटने के तरीके की आलोचना की। उन्होंने उन दावों पर सवाल उठाए कि आरोपियों को पहले ही सजा मिल चुकी है।
गोदियाल ने कहा, “कार्रवाई सिर्फ छोटे लोगों पर की गई है। ये उत्तराखंड के लोगों के स्वाभिमान पर हमला है। वे बताएं कि सीबीआई ने ये जांच क्यों नहीं की है कि वो वीआईपी कौन था।”
कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।