पश्चिम बंगाल में प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से घोषित ₹1,000 करोड़ के ‘तीर्थक्षेत्र सर्किट’ को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में सिर्फ मंदिर ही क्यों, यहां मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे भी हैं। अधीर रंजन ने सरकार से सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की बात कही।
Knews Desk – पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 6 नवंबर 2026 को राज्य के पुराने हिंदू मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए अगले दो वर्षों में ₹1,000 करोड़ खर्च करने का ऐलान किया था। इस योजना को उन्होंने ‘तीर्थक्षेत्र सर्किट’ या ‘तीर्थयात्रा सर्किट’ नाम दिया है।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री के ऐलान पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल में चर्च, गुरुद्वारे और मस्जिदें भी हैं, इसलिए सिर्फ मंदिरों के लिए पैसा क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जो पैसा कमाती है, उसमें राज्य के हर धर्म के लोग टैक्स देते हैं और सार्वजनिक धन का इस्तेमाल सभी को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
‘मजहब की दीवारों को तोड़कर नफरत का माहौल बनाना सही नहीं’
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि काली पूजा और दिवाली के दिन मजहब की दीवारों को तोड़कर नफरत का माहौल बनाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को सबको मिलाकर और सबको बांटकर चलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल मंदिरों पर खर्च करने से ऐसा लगता है कि बंगाल सरकार सिर्फ हिंदुओं की सरकार है और यह ठीक नहीं है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नदिया जिले में एक सामुदायिक काली पूजा के उद्घाटन के दौरान कहा था कि पश्चिम बंगाल सरकार अगले दो वर्षों में सभी पुराने मंदिरों के जीर्णोद्धार पर ₹1,000 करोड़ खर्च करेगी। उनके मुताबिक, प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार धार्मिक संस्थाओं और आम लोगों के सहयोग से किया जाएगा।