हेलमेट की भी होती है उम्र! 5 साल बाद क्यों बदल देना चाहिए पुराना हेलमेट, जानें कब बढ़ जाता है खतरा?

KNEWS DESK- बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट सबसे जरूरी सेफ्टी गियर है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग हेलमेट खरीदने के बाद उसे कई सालों तक इस्तेमाल करते रहते हैं। जब तक हेलमेट बाहर से टूटा या खराब नजर नहीं आता, तब तक उसे बदलने की जरूरत महसूस नहीं होती। लेकिन हेलमेट की सुरक्षा सिर्फ उसकी बाहरी स्थिति से तय नहीं होती।

समय के साथ हेलमेट की अंदरूनी पैडिंग, लाइनिंग और फिटिंग प्रभावित हो सकती है। ऐसे में लंबे समय तक इस्तेमाल किया गया हेलमेट दुर्घटना की स्थिति में पहले जैसी सुरक्षा नहीं दे पाए। इसलिए हेलमेट की उम्र और उसकी स्थिति पर नजर रखना बेहद जरूरी है।

कितने साल बाद बदलें हेलमेट?

अगर हेलमेट करीब 5 साल या उससे ज्यादा पुराना हो चुका है, तो उसे बदलने पर विचार करना चाहिए। लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण हेलमेट के अंदर मौजूद फोम और पैडिंग की स्थिति बदल सकती है। इससे हेलमेट की फिटिंग ढीली पड़ सकती है और सिर पर उसकी पकड़ पहले जैसी नहीं रह जाती। हालांकि सिर्फ साल गिनना ही पर्याप्त नहीं है। हेलमेट की हालत, इस्तेमाल की स्थिति और निर्माता की सलाह को भी ध्यान में रखना चाहिए।

हादसे के बाद तुरंत बदलें हेलमेट

अगर हेलमेट किसी दुर्घटना में जोर से जमीन या किसी दूसरी वस्तु से टकराया है, तो उसे दोबारा इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता। कई बार हेलमेट के बाहर कोई बड़ी दरार या टूट-फूट दिखाई नहीं देती, लेकिन अंदर की सुरक्षा संरचना प्रभावित हो सकती है। इसलिए दुर्घटना के बाद हेलमेट देखने में बिल्कुल ठीक लगे, तब भी उसे बदलना बेहतर है।

इन संकेतों को नजरअंदाज न करें

अगर हेलमेट में नीचे दिए गए बदलाव नजर आ रहे हैं, तो नया हेलमेट लेने पर विचार करें:

  • अंदर की पैडिंग ढीली या खराब हो गई हो।
  • हेलमेट सिर पर पहले की तरह फिट न बैठता हो।
  • स्ट्रैप या बकल ठीक से काम नहीं कर रहा हो।
  • हेलमेट का फोम या लाइनिंग खराब हो गई हो।
  • हेलमेट में दरार या गंभीर टूट-फूट दिखाई दे रही हो।
  • हेलमेट कई साल पुराना हो चुका हो।
  • हेलमेट पहले किसी गंभीर टक्कर में इस्तेमाल हो चुका हो।

नया हेलमेट सिर्फ सुरक्षा नहीं, आराम भी देता है

समय के साथ हेलमेट की तकनीक और डिजाइन में भी बदलाव आते हैं। नया हेलमेट बेहतर फिटिंग, आरामदायक पैडिंग और बेहतर वेंटिलेशन जैसी सुविधाएं दे सकता है। सही फिट वाला हेलमेट लंबे सफर के दौरान भी ज्यादा आरामदायक रहता है।हालांकि नया हेलमेट खरीदते समय सिर्फ डिजाइन या कीमत पर ध्यान नहीं देना चाहिए। सुरक्षा मानकों के अनुरूप हेलमेट चुनना और उसे सही तरीके से पहनना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

पैसे बचाने के लिए सुरक्षा से समझौता न करें

हेलमेट ऐसी चीज है जिस पर पैसे बचाने की कोशिश भारी पड़ सकती है। पुराना हेलमेट भले ही बाहर से बिल्कुल ठीक दिखाई दे, लेकिन उसकी अंदरूनी सुरक्षा क्षमता पहले जैसी हो, यह जरूरी नहीं है।

इसलिए अगर हेलमेट काफी पुराना हो चुका है, उसकी फिटिंग खराब हो गई है या वह किसी हादसे में जोर से टकरा चुका है, तो उसे बदल देना ही बेहतर विकल्प है। सड़क पर कुछ मिनट की लापरवाही गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है, इसलिए सही हेलमेट पहनना और उसकी स्थिति समय-समय पर जांचना बेहद जरूरी है।

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