राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से घायल लोचब की शिकायत पर FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की थी।
Knews Desk- पेलेट गन मामले में दिल्ली पुलिस ने आखिरकार FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेताओं के धरने के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया। यह FIR घटना के करीब 31 दिन बाद दर्ज की जा रही है।
राहुल गांधी शुक्रवार को पीड़ित लोचब के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से शिकायत दर्ज करने और मामले की जांच करने वाले अधिकारी का नाम बताने की मांग की। शिकायत दर्ज न होने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेता थाने में ही धरने पर बैठ गए।
राहुल गांधी ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मांग सिर्फ FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की है। उन्होंने कहा था कि जब तक मामला दर्ज नहीं होता, वह थाने से नहीं हटेंगे।
राहुल गांधी का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने FIR दर्ज न करने के पीछे ‘ऊपर से आदेश’ होने की बात कही थी। कांग्रेस नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

20 जुलाई के प्रदर्शन में घायल हुआ था लोचब
यह मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और कथित परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। कांग्रेस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान लोचब की आंख और पेट में पेलेट से चोट लगी थी। बाद में उसे AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी सर्जरी हुई।
राहुल गांधी ने लोचब की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें पुलिस ने पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था। राहुल के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट में आंख के अंदर तीन पेलेट मिलने की बात दर्ज है।
14 अगस्त को दी गई थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, लोचब ने 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ पुलिस से संपर्क कर लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उस समय FIR दर्ज नहीं हुई। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए भी मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब राहुल गांधी के थाने पहुंचकर धरने पर बैठने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। FIR में कौन-कौन सी धाराएं लगाई जाएंगी, इसका पता मामला दर्ज होने के बाद ही चलेगा।