Knews Desk– फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई गंभीर घटना के बाद सऊदी अरब और इजराइल के बीच कूटनीतिक संबंधों का मुद्दा भी सामने आ गया है। दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया, जहां उसने सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की। विमान में 174 लोग सवार थे।लैंडिंग के बाद यात्रियों को सऊदी अरब में रुकना पड़ा। इसी दौरान इजराइल ने अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए सैन्य विमान भेजने की अनुमति सऊदी अरब से मांगी। रॉयटर्स के मुताबिक, इजराइल की एयरफोर्स यात्रियों को लेने के लिए C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान भेजने की तैयारी कर रही थी। हालांकि, सऊदी अरब ने इजराइली सैन्य विमानों को अपने क्षेत्र में आने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
इस फैसले की एक अहम वजह दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंधों का न होना है। सऊदी अरब और इजराइल ने अभी तक राजनयिक संबंध स्थापित नहीं किए हैं। ऐसे में इजराइली सैन्य विमान को सऊदी क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति देना एक संवेदनशील कूटनीतिक कदम होता। सऊदी सरकार ने इस अनुरोध पर तत्काल कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की।यात्रियों को बाद में फ्लाईदुबई के ही एक दूसरे विमान से इजराइल भेजा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री सऊदी अरब में करीब आठ घंटे तक रुके रहे और इसके बाद उनकी आगे की यात्रा पूरी कराई गई।दरअसल, फ्लाइट FZ1073 में घटना उस समय सामने आई जब विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। विमान अचानक तेजी से नीचे आया। रॉयटर्स के मुताबिक, विमान करीब 14 हजार फीट तक तेजी से नीचे गया था। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया।
गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने का मौका मिला। इसके बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के दूसरे पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे तबुक में सुरक्षित उतारा। भारतीय दूतावास के मुताबिक, कैप्टन स्मित मछार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के बाद यात्रियों और कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने अधिकारियों को इजराइल आने वाली इजराइली और विदेशी एयरलाइंस के पायलटों की सुरक्षा जांच बढ़ाने का निर्देश भी दिया है। घटना की जांच जारी है और फ्लाईदुबई ने कहा है कि इसके पीछे की वजह और मकसद अभी स्पष्ट नहीं है।सऊदी अरब का इजराइली सैन्य विमान को अनुमति नहीं देना ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका सऊदी अरब को अब्राहम समझौते में शामिल करने की कोशिश कर रहा है। सऊदी अरब का कहना है कि इजराइल के साथ किसी समझौते से पहले फिलिस्तीनी राज्य के गठन की दिशा में स्पष्ट रास्ता होना चाहिए। ऐसे में फ्लाईदुबई की यह घटना सिर्फ विमान सुरक्षा का मामला नहीं रही, बल्कि इससे दोनों देशों के संवेदनशील कूटनीतिक रिश्तों की स्थिति भी सामने आई है।