लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके लिए विशेष पत्र लिखा। पीएम मोदी ने आडवाणी के जीवन, राजनीतिक यात्रा और राष्ट्र के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बिना कड़वाहट शून्य से अपनी जिंदगी खड़ी की और अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर भारतीय राजनीति की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Knews Desk- 8 नवंबर 1927 को कराची में जन्मे लालकृष्ण आडवाणी का जीवन आधुनिक भारत के कई ऐतिहासिक अध्यायों का साक्षी रहा है। पीएम मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि 1947 में विभाजन की त्रासदी ने आडवाणी को अपना घर और परिचित परिवेश छोड़ने के लिए विवश किया, लेकिन इस पीड़ा ने उनके भीतर कड़वाहट पैदा नहीं की। उन्होंने नए सिरे से जीवन खड़ा किया, जिसका प्रभाव आगे चलकर जनसंघ को मजबूत करने और भारतीय जनता पार्टी के निर्माण में भी दिखाई दिया।
पीएम मोदी ने आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी की लंबे समय तक चली मित्रता और राजनीतिक साझेदारी को भारतीय लोकतंत्र की अनूठी मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि पांच-छह दशकों तक दोनों नेताओं ने परस्पर विश्वास, सम्मान और सहयोग के साथ काम किया।
पीएम मोदी ने आडवाणी के लोकतंत्र के प्रति समर्पण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान आडवाणी ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। 1977 में सूचना एवं प्रसारण मंत्री और बाद में गृह मंत्री तथा उप प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक कुशलता का परिचय दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ उनका दृढ़ रुख भी उल्लेखनीय रहा।
पीएम मोदी ने सोमनाथ से अयोध्या तक की ऐतिहासिक रथयात्रा को आडवाणी के जीवन का निर्णायक अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस यात्रा की परिकल्पना, तैयारी और संचालन से जुड़ने का अवसर मिला। पीएम मोदी ने कहा कि वर्षों बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण उस संकल्प की ऐतिहासिक परिणति बना।
पीएम मोदी ने आडवाणी के सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और शुचिता तथा निजी जीवन में सादगी और संवेदनशीलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आडवाणी अध्ययनशील हैं और इतिहास, साहित्य, सिनेमा तथा रंगमंच में उनकी गहरी रुचि रही है। उनकी पुस्तक ‘माई कंट्री माई लाइफ’ को उन्होंने उनके अनुभवों और ऐतिहासिक दृष्टि का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।
पीएम मोदी ने कमला आडवाणी के योगदान को भी याद किया और कहा कि वह हर परिस्थिति में आडवाणी जी की शक्ति और संबल बनी रहीं। राष्ट्र के प्रति उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने इसे उनके जीवनभर के राष्ट्रसेवा के समर्पण के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक बताया।
पीएम मोदी ने आडवाणी की वैचारिक स्पष्टता और बौद्धिक प्रखरता को उनकी प्रमुख विशेषताओं में गिना। उन्होंने कहा कि आडवाणी के भाषण, लेखन और संसदीय हस्तक्षेप विचारों की गहराई और अभिव्यक्ति की सटीकता के उदाहरण हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आडवाणी ने छद्म धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध निर्भीकता से अपनी बात रखी और राष्ट्र प्रथम के विचार को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में स्थापित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि जनसंघ से लेकर भाजपा तक आडवाणी ने कार्यकर्ताओं की कई पीढ़ियां तैयार कीं और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।