KNEWS DESK- गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन भी घरों में भगवान गणेश की पूजा और आरती का सिलसिला जारी रहता है. भक्त अपनी पारिवारिक परंपरा और श्रद्धा के अनुसार बप्पा को अलग-अलग पकवान अर्पित करते हैं. अगर आप इस बार कुछ अलग मीठा बनाना चाहते हैं, तो आलू की खीर एक अच्छा विकल्प हो सकती है.

इस खीर को बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती. दूध और उबले हुए आलू के साथ इलायची, केसर और मेवों का इस्तेमाल करके इसे तैयार किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी.
आलू की खीर बनाने के लिए सामग्री
- फुल क्रीम दूध- 1 लीटर
- आलू- 2 मध्यम आकार के
- चीनी- 4 से 5 चम्मच
- इलायची- 3 से 4
- बादाम- 8 से 10
- काजू- 8 से 10
- किशमिश- 1 चम्मच
- केसर- कुछ धागे
- घी- 1 से 2 चम्मच
आलू की खीर बनाने की आसान विधि
आलू उबालकर तैयार करें– सबसे पहले आलू धोकर उबाल लें. ठंडा होने के बाद इन्हें छीलकर अच्छी तरह मैश कर लें. आलू के बड़े टुकड़े न रहें, इसका ध्यान रखें.
दूध को पकाएं– अब एक भारी तले वाले बर्तन में दूध डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें. उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और दूध को बीच-बीच में चलाते रहें.
आलू मिलाएं– दूध में मैश किए हुए आलू डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसे धीमी आंच पर पकने दें, ताकि खीर का स्वाद और बनावट अच्छी रहे.
चीनी और मेवे डालें– जब दूध थोड़ा गाढ़ा होने लगे, तो इसमें चीनी, कटे हुए बादाम, काजू और किशमिश डालें. इसके बाद इलायची कूटकर मिला दें.
केसर डालकर पकाएं– केसर के धागों को थोड़े गर्म दूध में भिगोकर खीर में डालें. अब इसे कुछ मिनट और पकाएं. जब खीर मनचाही गाढ़ी हो जाए, तो गैस बंद कर दें.
भोग के लिए तैयार करें– खीर को थोड़ा ठंडा होने दें और साफ बर्तन में निकालें. इसके बाद पूजा की थाली में रखकर भगवान गणेश को श्रद्धा से अर्पित करें.
बप्पा को आलू की खीर का भोग कैसे लगाएं?
गणेश जी की पूजा के बाद खीर को भोग के रूप में अर्पित करें. कुछ समय के लिए प्रसाद भगवान के सामने रखें और फिर परिवार के सदस्यों में बांट दें. भोग बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार सामग्री में बदलाव कर सकते हैं.
खीर बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
आलू की खीर में चावल डालना जरूरी नहीं है. इस रेसिपी में आलू ही मुख्य सामग्री है. खीर को धीमी आंच पर पकाएं और लगातार चलाते रहें, ताकि दूध बर्तन के तले में न लगे. चीनी अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश को भोग लगाते समय पकवान से ज्यादा श्रद्धा और भावना का महत्व होता है. इसलिए घर में उपलब्ध सामग्री से भी प्रेमपूर्वक प्रसाद तैयार किया जा सकता है.