KNEWS DESK – लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने NEET परीक्षा विवाद को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। तमिलनाडु दौरे के दौरान राहुल गांधी ने NEET से जुड़े घटनाक्रम के बाद जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिजनों से मुलाकात की। इस मुलाकात का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि देश के छात्रों को किसी की माफी की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें ‘सच और इंसाफ’ चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़ित माता-पिता से बातचीत करने के बाद उनका यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि सरकार की जिम्मेदारी छात्रों से माफी मांगने और उन्हें न्याय दिलाने की है।
गोपिका, रोशनी और वेत्री आनंदन के परिवार से मिले राहुल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि तमिलनाडु दौरे के दौरान उन्होंने गोपिका, रोशनी और वेत्री आनंदन के परिवारों से मुलाकात की।
राहुल गांधी के मुताबिक, ये तीनों युवा मेडिकल उम्मीदवार थे और उनके परिवार NEET से जुड़े घटनाक्रम के बाद गहरे सदमे से गुजर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन परिवारों के सामने एक ही सवाल है कि आखिर एक ईमानदार और मेहनती विद्यार्थी को सिस्टम में कथित गड़बड़ियों की कीमत क्यों चुकानी पड़े?
‘हर आंकड़े के पीछे एक बच्चे का सपना’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसी भी परीक्षा में कथित पेपर लीक और उसके बाद पैदा हुई अनिश्चितता का असर केवल परीक्षा प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे छात्रों और उनके परिवारों पर मानसिक दबाव भी बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि हर आंकड़े के पीछे एक बच्चा और उसका सपना होता है। उसके साथ एक ऐसा परिवार भी होता है जिसने अपने बच्चे के भविष्य को लेकर कई उम्मीदें लगाई होती हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके नुकसान की कभी भरपाई नहीं की जा सकती।
परीक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था के लिए है, जहां छात्रों की मेहनत का सम्मान हो और परीक्षाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी छात्र को संस्थागत खामियों या व्यवस्था की विफलता के कारण अपने भविष्य से समझौता नहीं करना चाहिए।
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसा सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।
‘छात्रों को माफी की जरूरत नहीं’
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “प्रधानमंत्री छात्रों को माफ करने की बात करते हैं। इन माता-पिता की बात सुनने के बाद मेरा यकीन और पक्का हो गया है कि भारत के छात्रों को माफी की जरूरत नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का फर्ज है कि वह छात्रों को सच बताए, उन्हें इंसाफ दे और उनसे माफी मांगे।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
केंद्र सरकार पर कांग्रेस का हमला
NEET से जुड़े मुद्दों को कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ उठा रही है। राहुल गांधी इससे पहले भी परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक के आरोपों और छात्रों पर पड़ने वाले दबाव को लेकर सरकार को घेर चुके हैं।
अब तमिलनाडु में प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद उन्होंने एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग उठाई है।
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी लड़ाई ऐसी शिक्षा व्यवस्था के लिए जारी रहेगी, जिसमें मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को निष्पक्ष अवसर मिले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर किसी तरह का सवाल खड़ा न हो।