Knews Desk- जानकारी के मुताबिक, के सेक्टर-121 में रहने वाले प्रशांत शर्मा की बेटी ने 20 सितंबर को फेस-3 थाने में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने प्रशांत की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्तों की जांच शुरू की। जांच के दौरान गौर सिटी और आसपास के इलाकों समेत 100 से अधिक स्थानों की CCTV फुटेज खंगाली गई। फुटेज में प्रशांत कुछ युवकों के साथ नजर आए। इसके बाद पुलिस ने CCTV के आधार पर इन युवकों की पहचान शुरू की।पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर की रात प्रशांत तिकोना पार्क के पास पहुंचे थे। वहीं उनकी मुलाकात बिट्टू उर्फ नितिन और निगम ठाकुर से हुई। बातचीत के दौरान दोनों से उनकी पहचान हुई।
इसके बाद प्रशांत दोनों युवकों को अपनी कार में बैठाकर गौर सिटी की ओर निकल गए। रास्ते में शराब खरीदी गई। बाद में बिट्टू और निगम के दो अन्य साथी मोहित और इरफान भी उनके साथ आ गए।पुलिस का दावा है कि कार में पांचों ने शराब पी। इसी दौरान किसी बात को लेकर प्रशांत और चारों युवकों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि गाली-गलौज को लेकर विवाद बढ़ गया और चारों युवकों ने मिलकर प्रशांत का गला दबा दिया। इससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपियों ने प्रशांत के शव को बिसरख थाना क्षेत्र में नाले के पास फेंक दिया। 17 सितंबर को वहां एक अज्ञात शव मिला था। शव के पास पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला था। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और लावारिस समझकर अंतिम संस्कार कर दिया।बाद में प्रशांत के परिवार ने शव की पहचान की। इसके बाद गुमशुदगी के मामले की जांच हत्या के मामले में बदल गई। पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य जांच के आधार पर चारों आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी प्रशांत की कार को अलीगढ़ के अकराबाद इलाके में एक पुल के नीचे खड़ी कर बस से नोएडा लौट आए थे। पुलिस ने मृतक की कार बरामद कर ली है। अब पुलिस घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाने में लगी है।