KNEWS DESK- ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का बुधवार भारत के लिए शानदार उपलब्धियों से भरा रहा। एथलेटिक्स, पैरा-एथलेटिक्स और मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक तालिका को मजबूत किया। स्टार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि पैरा-एथलेटिक्स में भारत ने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदकों पर कब्जा जमाया। इसके अलावा भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कम से कम 10 पदक पक्के कर लिए हैं।
27 वर्षीय मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में लॉन्ग जंप स्पर्धा में लगातार दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी रजत पदक जीता था। लगातार दो संस्करणों में पोडियम पर जगह बनाकर श्रीशंकर ने भारतीय एथलेटिक्स में एक नई उपलब्धि दर्ज की है।
इस स्पर्धा में जमैका के ताजे गेल ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं, मेजबान स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने 8.08 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, क्योंकि सिल्वर और ब्रॉन्ज के बीच केवल एक सेंटीमीटर का अंतर रहा। भारत के एक अन्य खिलाड़ी लोकेश सत्यनाथन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और 7.97 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ पांचवें स्थान पर रहे।
पैरा-एथलेटिक्स में भी भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक अपने नाम किए। यह उपलब्धि भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के लिए बेहद खास मानी जा रही है और यह दर्शाती है कि देश के पैरा खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इस सफलता ने भारत के पदक अभियान को नई मजबूती दी है।
मुक्केबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने अपने पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए कम से कम 10 पदक पक्के कर लिए हैं। कई भारतीय बॉक्सर सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं, जिससे उनके पास अब गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने का भी अवसर होगा। इससे भारतीय दल को आने वाले दिनों में और अधिक पदकों की उम्मीद है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन देश के खेलों के बढ़ते स्तर का संकेत है। एथलेटिक्स, पैरा-एथलेटिक्स और मुक्केबाजी जैसे विभिन्न खेलों में लगातार सफलता यह दिखाती है कि भारतीय खिलाड़ी अब वैश्विक मंच पर मजबूती से अपनी पहचान बना रहे हैं। प्रतियोगिता के अगले चरणों में भी भारत को कई स्पर्धाओं में पदक की उम्मीद है, जिससे देश की पदक तालिका और मजबूत हो सकती है।