99 पर अटके Joe Root! साथी खिलाड़ी के चौके ने शतक से किया महरूम, फिर भी दिल जीत लिया

Knews Desk- भारत और इंग्लैंड के बीच कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 4 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। इस जीत के सबसे बड़े हीरो अनुभवी बल्लेबाज जो रूट रहे, जिन्होंने शानदार 99 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। हालांकि वह अपने वनडे करियर के 21वें शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए। खास बात यह रही कि उनका शतक किसी भारतीय गेंदबाज ने नहीं, बल्कि उनके ही साथी खिलाड़ी गस एटकिंसन ने छीन लिया।जो रूट ने इंग्लैंड की लड़खड़ाती पारी को संभालते हुए अंत तक क्रीज पर टिके रहे। जब वह 97 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब इंग्लैंड को जीत के लिए केवल 12 रन की जरूरत थी। जसप्रीत बुमराह के 43वें ओवर में रूट ने एक रन लेकर अपना स्कोर 98 तक पहुंचाया। इसके बाद अगले ओवर में गस एटकिंसन ने ज्यादातर गेंदें खेलीं और आखिरी गेंद पर सिंगल लेकर स्ट्राइक अपने पास रखी।

45वें ओवर में भारत ने फील्डिंग पूरी तरह अंदर लगा दी ताकि रूट को चौका लगाने का मौका न मिले। प्रसिद्ध कृष्णा की पहली गेंद वाइड रही, जिससे इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ तीन रन चाहिए थे और रूट अपने शतक से एक रन दूर थे। इसी दौरान रूट ने नॉन-स्ट्राइकर एंड पर जाकर एटकिंसन से बातचीत भी की, लेकिन अगली ही गेंद पर एटकिंसन ने जोरदार चौका जड़ दिया। इस शॉट के साथ इंग्लैंड ने मुकाबला जीत लिया और रूट 99 रन पर नाबाद लौटे।इस पारी के साथ जो रूट के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया। वह वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 99 रन पर नाबाद रहने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। वहीं दुनिया के वनडे इतिहास में वह सिर्फ 17वें खिलाड़ी हैं, जो 99 रन पर नॉटआउट रहे। सभी अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों को मिलाकर वह इंग्लैंड के छठे खिलाड़ी हैं, जिनकी पारी 99* पर समाप्त हुई।

मैच के बाद जो रूट ने इस पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद गस एटकिंसन से कहा था कि वह उनके शतक के बारे में बिल्कुल न सोचें और टीम को जिताने पर ध्यान दें। रूट ने साफ कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से ज्यादा टीम की जीत महत्वपूर्ण है। उनकी इस सोच की क्रिकेट जगत में जमकर सराहना हो रही है।जो रूट की 99 रन की पारी भले ही शतक में नहीं बदल सकी, लेकिन उनकी जिम्मेदार बल्लेबाजी और टीम-फर्स्ट सोच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं। उनकी इस पारी की बदौलत इंग्लैंड ने सीरीज में शानदार वापसी की और अब निर्णायक मुकाबले में दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।

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