Knews Desk- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) सक्रिय हो गए हैं। श्रद्धालुओं के बीच पैदा हुई नाराजगी और सवालों को दूर करने के उद्देश्य से 23 जुलाई को अयोध्या में साधु-संतों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में करीब 300 संतों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में राम मंदिर से जुड़े विवाद, श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने के उपाय और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इसे हिंदू समाज के बीच भरोसा कायम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
संत समाज के साथ बनेगी आगे की रणनीति
बैठक में अलग-अलग अखाड़ों, मंदिरों और संत समाज के प्रतिनिधियों के साथ RSS और VHP के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। दोनों संगठनों की ओर से संतों से संपर्क कर बैठक में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है।
माना जा रहा है कि राम मंदिर प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाने, पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रम की स्थिति को खत्म करने के तरीकों पर विचार किया जाएगा।
SIT रिपोर्ट और कार्रवाई पर होगी चर्चा
इस बैठक में राम मंदिर से जुड़े मामले की जांच कर रही SIT की रिपोर्ट और अब तक हुई कार्रवाई को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। संत समाज को पूरे मामले की जानकारी देने और आगे की दिशा तय करने पर मंथन किया जाएगा।
राम मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति में भी एक अहम मुद्दा रहा है। ऐसे में मंदिर से जुड़ा कोई भी विवाद सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर असर डाल सकता है।
ट्रस्ट की बैठक के बाद संतों की बैठक
इससे पहले 22 जुलाई को ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की बैठक प्रस्तावित है। इसके अगले दिन संतों के साथ यह बड़ी बैठक होगी। बताया जा रहा है कि संतों की राय और सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
अयोध्या राम मंदिर विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं, RSS और VHP अब इस मामले में श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने और स्थिति को संभालने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।