Knews Desk- पटना के न्यू करबिगहिया इलाके के कारोबारी बंटी यादव की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बिसिया को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की पूरी साजिश एक ऑटो में ही अंजाम दी गई थी। आरोपी ने ऑटो चालक को 10 हजार रुपये देकर इस वारदात में शामिल किया था। अब तक इस मामले में 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि चार आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
ऑटो में ले जाकर की गई थी हत्या
पुलिस के मुताबिक, 6 जुलाई की रात बंटी यादव का अपहरण किया गया था। इसके बाद उसे ऑटो में बैठाकर ले जाया गया, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और भारी वस्तु से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को पटना के अथमलगोला इलाके में एक खेत में दफना दिया था। 11 जुलाई को पुलिस ने फोरलेन के पास खेत से बंटी का शव बरामद किया।
सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
बंटी यादव के परिवार ने 7 जुलाई को कोतवाली थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो कई सीसीटीवी फुटेज हाथ लगे, जिनमें अपहरण और आरोपियों की गतिविधियां कैद थीं। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई तेज की।
हत्या के पीछे क्या थी वजह?
पुलिस जांच में हत्या के पीछे अवैध शराब कारोबार से जुड़ा विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बिसिया अवैध शराब के धंधे से जुड़ा था और बंटी यादव के साथ पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। वहीं, बंटी के परिवार का आरोप है कि वह इलाके में चल रहे कथित देह व्यापार का विरोध करता था, जिसकी वजह से उसकी हत्या कराई गई।
परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बंटी यादव की मां और भाई मुकुल ने घर के पास धरना शुरू कर दिया। परिवार का आरोप है कि आरोपी के जिंदा रहने से उन्हें खतरा है। उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी परिवार का समर्थन किया।
मुठभेड़ के बाद आरोपी पर नया केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान रवीश उर्फ बिसिया के पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस पर फायरिंग और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में उसके खिलाफ बुद्धा कॉलोनी थाने में एक और मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर पहले से हत्या, रंगदारी, हत्या के प्रयास, अवैध शराब कारोबार समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
चार आरोपियों की तलाश जारी
इस हत्याकांड में पुलिस अब तक रवीश उर्फ बिसिया समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, मोनी किन्नर, ऑटो चालक शंकर, सोनू और सूरज अभी फरार चल रहे हैं। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।