डिजिटल डेस्क- कानपुर के चर्चित आहूजा हॉस्पिटल में चल रहे अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश एक अंदरूनी कर्मचारी की सूचना से हुआ। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस को मिली इस गुप्त जानकारी के आधार पर 30 मार्च को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ छापा मारा गया, जिसके बाद इस पूरे संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। फिलहाल सूचना देने वाला कर्मचारी पुलिस सुरक्षा में है और उसने अदालत में गवाही देने की भी सहमति जताई है। मामले में अब तक डॉक्टर सुरजीत आहूजा और उनकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली तक फैला हुआ था। इस मामले में नौ अन्य संदिग्धों की पहचान भी हो चुकी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए 10 पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
बिना अथॉरिटी धड़ल्ले से हो रहा था किडनी ट्रांसप्लांट
डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी के अनुसार, इस कांड की तह तक पहुंचने में अस्पताल के कर्मचारी की भूमिका बेहद अहम रही। पुलिस को किडनी डोनर और रिसीवर के बयान, मेडिकल रिपोर्ट्स के साथ-साथ कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आहूजा हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी। डॉ. हरिदत्त नेमी ने स्पष्ट किया कि अस्पताल को यूरोलॉजी या किडनी ट्रांसप्लांट की मंजूरी नहीं दी गई थी। इसके बावजूद यहां अवैध रूप से सर्जरी की जा रही थी, जो चिकित्सा नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
लोगों को न हो शक इसलिए देर रात सीसीटीवी बंद कर होते थे ऑपरेशन
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया देर रात या तड़के 3 से 4 बजे के बीच की जाती थी। उस समय अस्पताल के अधिकांश स्टाफ को छुट्टी दे दी जाती थी, ताकि किसी को भनक न लगे। केवल बाहर से आई डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम की मौजूदगी में ऑपरेशन किया जाता था। सर्जरी के दौरान अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए जाते थे, जिससे कोई सबूत न बचे। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मरीजों और डोनर को अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया जाता था, ताकि पूरे नेटवर्क का कोई सीधा लिंक सामने न आए। इस प्रक्रिया में शहर के कई नर्सिंग होम और निजी अस्पताल भी शामिल थे, जहां मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर किया जाता था।