Knews Desk- कानून की चौखट पर इंसाफ की उम्मीद लेकर पहुंचने वालों के लिए इंतजार भी कभी-कभी सजा जैसा हो जाता है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के आशुतोष रांका और सौरव दास के मामले में सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ। रिहाई की उम्मीद थी, लेकिन दोनों की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ गई। अब बुधवार को फिर पेशी होगी।CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह का आरोप है कि जमानतियों के सत्यापन और FD की मंजूरी जैसी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद घंटों इंतजार कराया गया। सुनवाई दोपहर 12 बजे होनी थी, लेकिन शाम 5 बजे शुरू हुई। इसी बीच मजिस्ट्रेट को मिले धमकी भरे संदेशों का मुद्दा उठ गया। CJP का सवाल है कि इसका दोनों नेताओं की रिहाई से क्या संबंध है? पार्टी ने आरोप लगाया कि असल मुद्दे से ध्यान भटक गया।
दूसरी तरफ, पुलिस ने हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे मजिस्ट्रेट ने मंजूरी दे दी। धमकी भरे संदेशों का मामला क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की बात भी सामने आई है। अगर धमकी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह अलग और गंभीर मामला होगा।आशुतोष रांका और सौरव दास 14 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत शांति भंग की आशंका से जुड़ी कार्रवाई की है।
अब सवाल सिर्फ रिहाई का नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता का भी है। CJP आरोप लगा रही है, पुलिस अपनी कार्रवाई पर कायम है। फैसला कानून करेगा, लेकिन सवालों के जवाब मिलना भी जरूरी है