दिल्ली सरकार ने श्रमिकों तक सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र वैन’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय से चार मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई। इस पहल के जरिए श्रमिकों को उनके कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्रों में ही पंजीकरण, सरकारी योजनाओं की जानकारी और जरूरी सेवाओं से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
Knews Desk- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दिल्ली सरकार ने श्रमिकों और कामगारों को सरकारी सुविधाएं सीधे उपलब्ध कराने की दिशा में यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के निर्माण और विकास में श्रमिकों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। दिन-रात मेहनत कर शहर को आगे बढ़ाने वाले श्रमिकों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ तैयार किया गया है, ताकि सरकारी सेवाओं के लिए श्रमिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ एक चलती-फिरती सुविधा इकाई के तौर पर काम करेगा। इसके जरिए श्रमिकों को उनके क्षेत्र में ही श्रमिक पंजीकरण और नवीनीकरण की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सरकारी योजनाओं की जानकारी, जरूरी दस्तावेजों से संबंधित सहायता, डिजिटल सेवाओं तक पहुंच और सरकारी योजनाओं एवं लाभों के लिए मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रमिकों को केवल पंजीकरण तक सीमित सुविधा देना नहीं, बल्कि उन्हें अलग-अलग सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना भी है।
इस सुविधा से खास तौर पर उन श्रमिकों को फायदा होगा, जिन्हें काम से समय निकालकर दूर स्थित सरकारी कार्यालयों तक जाना मुश्किल होता है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों को सरल और सुविधाजनक व्यवस्था मिले और अलग-अलग सेवाओं के लिए उन्हें अलग-अलग जगहों पर जाने की जरूरत कम हो। इसके साथ ही गिग वर्कर्स के लिए विश्राम और जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, निर्माण श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक उनका व्यवस्थित पंजीकरण रहा है। वास्तविक निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण नहीं होने के कारण कई लोग सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित रह जाते थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मोबाइल वैन की व्यवस्था शुरू की गई है। दिल्ली के प्रत्येक जिले में एक-एक मोबाइल वैन संचालित की जाएगी, यानी कुल 13 वैन चलेंगी। ये वैन निर्माण स्थलों, लेबर चौक और उन जगहों तक जाएंगी, जहां निर्माण श्रमिक काम करते हैं।
मोबाइल वैन के जरिए श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण किया जाएगा। इससे उन्हें पंजीकरण के लिए दूर सरकारी कार्यालयों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनकी दिहाड़ी भी प्रभावित नहीं होगी। पंजीकरण के बाद श्रमिकों के लिए सरकार की अलग-अलग योजनाओं और कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ लेना आसान हो सकेगा। सरकार के मुताबिक, यह पहल श्रमिकों की सुविधा, सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखकर शुरू की गई है।
दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में श्रमिकों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार श्रमिक हितैषी योजनाओं और केंद्र सरकार की पहलों को आगे बढ़ा रही है। अब श्रमिकों को पंजीकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
कपिल मिश्रा ने बताया कि मोबाइल वैन के जरिए नए श्रमिकों का पंजीकरण किया जाएगा और पुराने पंजीकरण का नवीनीकरण भी कराया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने में श्रमिकों की मदद की जाएगी और उन्हें उपलब्ध योजनाओं तथा उनके लाभों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस तरह ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ श्रमिकों के लिए बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में काम करेगा।