Knews Desk- दिल्ली सरकार जल्द ही ई-कैबिनेट सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के विशेषज्ञों के साथ इस डिजिटल व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की। प्रस्तावित सिस्टम के जरिए कैबिनेट बैठकों की पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस, सुरक्षित और तेज बनाने की योजना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज के दौर में शासन-प्रशासन में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल बेहद जरूरी है। ई-कैबिनेट व्यवस्था लागू होने के बाद कैबिनेट नोट, बैठक का एजेंडा, एनेक्सर, फैसले और बैठक की कार्यवाही जैसे सभी जरूरी दस्तावेज डिजिटल माध्यम से तैयार और साझा किए जा सकेंगे।
ई-कैबिनेट सिस्टम में मंत्रियों और अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी के अनुसार अलग-अलग स्तर की डिजिटल एक्सेस दी जा सकेगी। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और विभागीय सचिव समेत अधिकृत अधिकारी केवल अपने काम से संबंधित दस्तावेज ही देख सकेंगे। इससे संवेदनशील और गोपनीय जानकारी की सुरक्षा मजबूत होगी।
प्रस्तावित सिस्टम में कैबिनेट नोट जमा करने से लेकर उसकी जांच, मंजूरी, संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सकेगी। इससे फाइलों के निस्तारण में लगने वाला समय भी कम होगा।
टैबलेट से होगी कैबिनेट बैठक
कैबिनेट बैठकों के दौरान मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी टैबलेट के जरिए जरूरी दस्तावेजों तक तत्काल पहुंच बना सकेंगे। डिजिटल सिस्टम की मदद से बैठकों में फैसले लेने की प्रक्रिया आसान और तेज होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही कैबिनेट के फैसलों के बाद संबंधित विभागों की ओर से की जा रही कार्रवाई पर भी डिजिटल माध्यम से नजर रखी जा सकेगी। इससे निर्णयों के समय पर लागू होने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।
कम होगा कागज और सरकारी खर्च
ई-कैबिनेट व्यवस्था लागू होने के बाद कागज आधारित कैबिनेट फाइलों की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इससे प्रिंटिंग, दस्तावेजों के रखरखाव और फाइलों को इधर-उधर पहुंचाने पर होने वाला खर्च कम किया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता, कार्यक्षमता और जवाबदेही बढ़ेगी। बैठक में NIC के विशेषज्ञों ने उन राज्यों में लागू ई-कैबिनेट सिस्टम के अनुभव और काम करने के तरीके की भी जानकारी दी, जहां इस तरह की व्यवस्था पहले से इस्तेमाल की जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का मकसद केवल सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना नहीं है, बल्कि प्रशासन को तेज, सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। बेहतर तकनीक और तेज फैसलों का सीधा फायदा दिल्ली की जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।