Knews Desk– कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कहानी में कई अहम खुलासे सामने आए। पुलिस के अनुसार, विनीत की हत्या की साजिश उनके बेटे सुब्रत ने ही तैयार की थी। पुलिस का दावा है कि सुब्रत पिता की संपत्ति का इकलौता वारिस बनना चाहता था। इसी के साथ उस पर कर्ज भी था और वह अपनी जीवनशैली को बनाए रखना चाहता था।पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने अपने पूर्व नौकर विशाल से पिता की हत्या को लेकर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान विशाल ने कथित तौर पर हत्या करने के लिए हामी भर दी। इसके बाद हत्या के बदले उसे छह लाख रुपये देने की बात तय हुई। पुलिस के अनुसार, विशाल पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज भी था, जिसे चुकाने का भरोसा सुब्रत ने उसे दिया था।
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि सुब्रत ने करीब दो लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत पर पहले से काफी आर्थिक दबाव था। उसने आईपीएल मैचों में सट्टा और कैसीनो में करीब 20 लाख रुपये गंवाए थे। इसके अलावा उसने अलग-अलग लोगों और वित्तीय संस्थानों से भी रकम उधार ले रखी थी। आर्थिक परेशानियों के बीच उसने पिता से मदद मांगी थी, लेकिन कथित तौर पर मदद नहीं मिलने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ।पुलिस के अनुसार, इसके बाद सुब्रत ने करीब तीन महीने तक पिता की हत्या की योजना पर काम किया। शुरुआत में हत्या को स्वाभाविक मौत जैसा दिखाने की योजना बनाई गई थी। बाद में तकिये से मुंह दबाकर हत्या करने की बात तय हुई। हालांकि, घटनाक्रम बदल गया और हत्या में चाकू का इस्तेमाल हुआ।
इस मामले में पुलिस की शुरुआती जांच भी सवालों के घेरे में रही। हत्या के बाद विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार किया गया था। उनके बयानों के आधार पर विनीत की बहू शालू समेत तीन लोगों को जेल भेजा गया था। हालांकि, बाद की जांच में पुलिस को शालू के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर संदेह हुआ। करीब 18 दिन बाद जांच शालू को निर्दोष मानने की दिशा में आगे बढ़ी।पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात पूछताछ के दौरान सुब्रत ने कथित तौर पर घटना की पूरी साजिश के बारे में जानकारी दी और शालू को बेगुनाह बताया। इसके बाद जांच में एक अहम सुराग सामने आया।पुलिस का कहना है कि सुब्रत अपने फ्लैट के कमरे में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग करने वाले DVR को बंद करते समय खुद कैमरे में कैद हो गया था। यही CCTV फुटेज जांच में उसके खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग बनी। पुलिस अब इस फुटेज और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।