दिल्ली के भगीरथ पैलेस में ड्रग्स कंट्रोल विभाग की कार्रवाई के दौरान कथित नकली रेबीज वैक्सीन की 481 यूनिट बरामद की गई हैं। जब्त की गई वैक्सीन की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई गई है। मामले की जांच के दौरान इसकी सप्लाई का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के कानपुर की एक एजेंसी से सामने आया है।
Knews Desk- दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह के निर्देश पर भगीरथ पैलेस में एक फर्म के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें बिक्री परिसर और गोदाम भी शामिल थे। तलाशी के दौरान Rabies Vaccine, Human I.P. (Purified Vero Cell Rabies Vaccine) – Abhayrab की 481 यूनिट बरामद हुईं।
मामला सामने आने के बाद ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने वैक्सीन के निर्माता Human Biologicals Institute, तेलंगाना से संपर्क किया। निर्माता कंपनी ने संबंधित बैच को नकली बताया और स्पष्ट किया कि यह बैच उसकी ओर से जारी नहीं किया गया था। इसके बाद विभाग ने 120 वायल को कानूनी नमूने के तौर पर लिया, जबकि बाकी 361 यूनिट और सात खरीद चालान भी जब्त किए गए। लिए गए नमूनों को आगे की जांच के लिए CRI कसौली भेजा गया है।
जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित नकली वैक्सीन कहां तैयार हुई, इसे दिल्ली तक किस माध्यम से पहुंचाया गया और इसकी सप्लाई किन-किन जगहों पर की गई। भगीरथ पैलेस की संबंधित फर्म ने पूछताछ में बताया कि उसने यह वैक्सीन उत्तर प्रदेश के कानपुर की एक एजेंसी से खरीदी थी।
कानपुर की एजेंसी का कनेक्शन सामने आने के बाद दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश के स्टेट ड्रग विभाग के साथ साझा की। इसके आधार पर यूपी ड्रग विभाग की टीम ने कानपुर समेत दो ठिकानों पर छापेमारी की। अब जांच एजेंसियां कथित नकली वैक्सीन के वास्तविक स्रोत और इसकी पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाली नकली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी और दूसरे राज्यों से जुड़े सप्लायरों के खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।
फिलहाल ड्रग्स कंट्रोल विभाग की जांच इस बात पर केंद्रित है कि कथित नकली रेबीज वैक्सीन का असली स्रोत क्या है, इसे कहां-कहां भेजा गया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।