Knews Desk- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को लेकर राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है और उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के चलते उनके नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि सरकार ने इन सभी दावों को खारिज किया है और कहा है कि प्रधानमंत्री अभी भी पूरी तरह से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, लेबर पार्टी के 100 से अधिक सांसद सार्वजनिक रूप से यह मांग कर चुके हैं कि कीर स्टार्मर या तो पद छोड़ दें या फिर अपने नेतृत्व को लेकर स्पष्ट समयसीमा तय करें। पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने नेतृत्व संकट की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे ब्रिटिश राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
इसी बीच ब्रिटिश अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्टार्मर सोमवार को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा फैसला कर सकते हैं। हालांकि, सरकार से जुड़े एक सूत्र ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री न तो इस्तीफा देने जा रहे हैं और न ही पद छोड़ने की कोई योजना है। उनका पूरा ध्यान देश के प्रशासन और नीतिगत कार्यों पर केंद्रित है। पिछले कुछ महीनों से कीर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा था, लेकिन हालिया राजनीतिक घटनाओं ने स्थिति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है। पार्टी के भीतर उभरते नेतृत्व विकल्पों और आंतरिक गुटबाजी ने उनके लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
इसी बीच एंडी बर्नहैम को स्टार्मर के सबसे मजबूत संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक जीत के बाद उनके नेतृत्व की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि यदि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन होता है तो बर्नहैम एक स्थिर और प्रभावी विकल्प साबित हो सकते हैं। दूसरी ओर, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि यदि परिस्थितियां ऐसी ही बनी रहती हैं तो नेतृत्व की दौड़ में नए चेहरे भी सामने आ सकते हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग का नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में है।
बताया जा रहा है कि यदि भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन होता है तो आर्थिक नीतियों में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और वित्तीय टीम में फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेबर पार्टी के भीतर चल रही खींचतान ने ब्रिटेन की राजनीति में अनिश्चितता बढ़ा दी है। हालांकि आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री स्टार्मर अब भी अपने पद पर कायम हैं और इस्तीफे की किसी भी संभावना से इनकार किया जा रहा है।