Knews Desk– कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान हुए एक विमान हादसे में दो भारतीय छात्रों की जान चली गई। दोनों छात्र तमिलनाडु और पुडुचेरी के रहने वाले थे। वैंकूवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस घटना की जानकारी देते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मृतकों की पहचान मनोज शिवकुमार और श्रीसरण थिरुग्नानासंबंधम के रूप में हुई है।भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान हुई एक दुखद हवाई दुर्घटना में दोनों छात्रों की मौत हुई। दूतावास ने इस मुश्किल समय में शोक संतप्त परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही कहा कि दोनों के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के संबंध में परिवारों को हर संभव कांसुलर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
दूतावास ने यह भी बताया कि अधिकारी लगातार स्थानीय प्रशासन और मृतकों के परिवारों के संपर्क में हैं। दोनों छात्रों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में जरूरी सहायता दी जा रही है।फिलहाल हादसा किस वजह से हुआ, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। कनाडाई प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। कनाडाई मीडिया सीबीसी ने भी इसी तरह की एक विमान दुर्घटना की जानकारी दी है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह दुर्घटना इन्हीं भारतीय छात्रों से जुड़ी थी या नहीं।
सीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हार्व्स एयर द्वारा संचालित एक सेसना 172 विमान शुक्रवार सुबह सस्केचेवान के किस्बे के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। विमान में दो लाइसेंस प्राप्त पायलट सवार थे। दोनों रेजीना से सस्केचेवान के कार्लाइल होते हुए मैनिटोबा के स्टाइनबैक तक रात में क्रॉस-कंट्री उड़ान भर रहे थे।रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पायलट अपने कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए जरूरी उड़ान घंटे पूरे करने के उद्देश्य से विमान किराए पर लेकर उड़ान भर रहे थे। विमान के सुबह करीब 10:30 बजे तक अपने गंतव्य पर नहीं पहुंचने के बाद कनाडा के परिवहन सुरक्षा बोर्ड को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद विमान की तलाश के लिए खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया।
फ्लाइट स्कूल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, खोज और बचाव टीमों ने शाम करीब 6 बजे विमान का मलबा ढूंढ लिया। घटनास्थल पर दोनों लोगों को मृत पाया गया। ट्रेंटन स्थित संयुक्त बचाव समन्वय केंद्र की जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट जो हॉलैंडर ने बताया कि लापता विमान की तलाश और बचाव अभियान का नेतृत्व जेआरसीसी ने किया।उन्होंने बताया कि 435 स्क्वाड्रन के सीसी-138 हरक्यूलिस विमान ने दुर्घटनास्थल का पता लगाया। इसके बाद खोज और बचाव तकनीशियनों को पैराशूट के जरिए घटनास्थल पर उतारा गया। बचाव अभियान पूरा होने के बाद मामले को रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस को सौंप दिया गया।सीबीसी के मुताबिक, जनवरी 2025 के बाद से हार्व्स एयर से जुड़ी यह तीसरी विमान दुर्घटना है। इससे पहले जुलाई 2025 में प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान एक इंजन वाले विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो छात्र पायलटों की मौत हुई थी। फिलहाल भारतीय छात्रों से जुड़े इस हादसे की जांच जारी है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।