WhatsApp के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा! 5 लाख से ज्यादा डाउनलोड हुआ संदिग्ध ऐप, ऐसे करें असली की पहचान

KNEWS DESK- Google Play Store पर WhatsApp Messenger के नाम से एक संदिग्ध ऐप के 5 लाख से ज्यादा डाउनलोड होने की खबर सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऐप आधिकारिक WhatsApp की तरह दिखाई देता था और सर्च करने पर स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग में नजर आ रहा था। ऐसे में यूजर्स के लिए असली और नकली ऐप के बीच अंतर पहचानना जरूरी है।

WhatsApp आज करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लोग इसका इस्तेमाल निजी बातचीत से लेकर जरूरी दस्तावेज और अन्य जानकारियां साझा करने के लिए करते हैं। ऐसे में WhatsApp के नाम पर मौजूद किसी फर्जी ऐप को डाउनलोड करना यूजर्स की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। हाल ही में Google Play Store पर WhatsApp Messenger के नाम से एक संदिग्ध थर्ड-पार्टी ऐप की मौजूदगी की खबर सामने आई, जिसे 5 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किए जाने की जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, यह ऐप WhatsApp को सर्च करने पर स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग के रूप में दिखाई दे रहा था। इससे यूजर्स को भ्रम हो सकता था कि वे आधिकारिक ऐप ही डाउनलोड कर रहे हैं। Reddit पर एक यूजर ने सबसे पहले इस ऐप की ओर ध्यान दिलाया। इसके बाद Android Authority और The Verge ने भी इस मामले को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की। The Verge की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय यह ऐप Google Play Store पर मौजूद था।

WhatsApp के नाम से कैसे सामने आया संदिग्ध ऐप?

रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्ध ऐप को Agment Assets sallu नाम के डेवलपर ने प्रकाशित किया था। इसमें आधिकारिक WhatsApp से मिलते-जुलते आइकन, स्क्रीनशॉट और विवरण का इस्तेमाल किया गया था। इस वजह से केवल ऐप का नाम या लोगो देखकर इसकी प्रामाणिकता पहचानना मुश्किल हो सकता था। वहीं, आधिकारिक WhatsApp Messenger को WhatsApp LLC ने प्रकाशित किया है। रिपोर्ट में आधिकारिक ऐप के 10 अरब से ज्यादा डाउनलोड होने का भी उल्लेख किया गया। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि Google Play Store पर किसी ऐप का दिखाई देना या सर्च में सबसे ऊपर आना अपने आप में उसकी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है।

Google Play Store पर असली WhatsApp की पहचान कैसे करें?

किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहतर है।

  • डेवलपर का नाम देखें। आधिकारिक WhatsApp Messenger का डेवलपर WhatsApp LLC है।
  • ऐप के डाउनलोड और रिव्यू की संख्या जांचें।
  • ऐप के विवरण और आधिकारिक जानकारी का मिलान करें।
  • केवल लोगो, नाम या स्क्रीनशॉट देखकर किसी ऐप पर भरोसा न करें।
  • स्पॉन्सर्ड या विज्ञापन वाली लिस्टिंग को आधिकारिक होने का प्रमाण न मानें।
  • WhatsApp डाउनलोड करने के लिए उसकी आधिकारिक वेबसाइट से Google Play Store के लिंक पर जाना अधिक सुरक्षित विकल्प है।

अगर आपने फर्जी WhatsApp डाउनलोड कर लिया है तो क्या करें?

अगर आपको संदेह है कि आपने WhatsApp के नाम पर कोई नकली ऐप इंस्टॉल किया है, तो घबराने के बजाय तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाएं।

सबसे पहले संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल करें। इसके बाद फोन की सेटिंग में जाकर उसकी दी गई परमिशन की जांच करें। अगर आपने ऐप में कोई निजी जानकारी, पासवर्ड या वेरिफिकेशन कोड दर्ज किया है, तो अपने अकाउंट की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

अगर आपने उसमें WhatsApp का रजिस्ट्रेशन कोड दर्ज किया था, तो आधिकारिक WhatsApp ऐप में अपने नंबर को दोबारा रजिस्टर करें और अकाउंट की सुरक्षा से जुड़ी सेटिंग्स जांचें। अपने अकाउंट से जुड़े अनजान डिवाइस या लिंक्ड डिवाइस को हटाएं। जरूरत पड़ने पर फोन की सुरक्षा जांचें और महत्वपूर्ण अकाउंट के पासवर्ड भी बदलें।

सबसे जरूरी बात यह है कि WhatsApp का वेरिफिकेशन कोड या टू-स्टेप वेरिफिकेशन पिन किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में आधिकारिक सहायता माध्यमों का इस्तेमाल करें।

ऐप डाउनलोड करते समय न करें ये गलती

यह मामला यूजर्स को याद दिलाता है कि आधिकारिक ऐप स्टोर पर मौजूद हर ऐप को बिना जांचे सुरक्षित नहीं मानना चाहिए। किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले डेवलपर, रिव्यू, डाउनलोड और आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी जरूर देखें। थोड़ी सी सावधानी आपको फर्जी ऐप और उससे जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों से बचाने में मदद कर सकती है।

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