पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक और भरण-पोषण से जुड़े मामले की सुनवाई बलिया परिवार न्यायालय में हुई। ज्योति सिंह अदालत में मौजूद रहीं, लेकिन पवन सिंह पेश नहीं हुए। उनकी ओर से मां के अस्पताल में भर्ती होने से जुड़े मेडिकल दस्तावेज जमा किए गए। ज्योति सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है और वह आज भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं।
Knews Desk – भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बलिया परिवार न्यायालय में तलाक और भरण-पोषण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पवन सिंह अदालत में पेश नहीं हुए। इस पर न्यायालय ने उन पर 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, उनकी पत्नी ज्योति सिंह अदालत पहुंचीं और कहा कि वह आज भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं।
ज्योति सिंह के मुताबिक, इस मामले को अदालत में चार साल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है, लेकिन अगर यहां से न्याय नहीं मिला तो वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की गई है।
पवन सिंह के अदालत में पेश नहीं होने पर ज्योति सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पवन सिंह को बार-बार अदालत बुलाया जाता है, लेकिन वह पेश नहीं होते। ज्योति सिंह ने कहा, “देखिए, चार साल हो गए। मुझे न्यायालय पर भरोसा है। मैं आज भी उनके साथ रहना चाहती हूं। अगर यहां से कुछ नहीं होता है, तो मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी।”
सुनवाई के दौरान पवन सिंह के वकील ने उनकी मां से जुड़े मेडिकल दस्तावेज अदालत में जमा किए। साथ ही मध्यस्थता यानी मीडिएशन के लिए आवेदन भी दिया गया। पवन सिंह के वकील के मुताबिक, उनकी मां अस्पताल में भर्ती हैं, जिस वजह से वह अदालत नहीं पहुंच पाए।
ज्योति सिंह ने करीब चार साल पहले भरण-पोषण के लिए मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में वह सुनवाई के लिए अदालत पहुंचीं। पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच तलाक और भरण-पोषण को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है।
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को हुई थी। ज्योति सिंह, पवन सिंह की दूसरी पत्नी हैं। शादी के कुछ समय बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई और वे अलग रहने लगे। साल 2022 में तलाक और भरण-पोषण को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हुई। ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर उत्पीड़न सहित गंभीर आरोप लगाए थे, जिन्हें पवन सिंह ने खारिज किया है।
पवन सिंह तलाक चाहते हैं, जबकि ज्योति सिंह उनके साथ रहना चाहती हैं या भरण-पोषण की मांग कर रही हैं। मामला फिलहाल अदालत में लंबित है। अब सबकी नजर 12 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर है कि पवन सिंह उस दिन अदालत में पेश होते हैं या नहीं।