KNEWS DESK- सुबह फुल चार्ज किया फोन अगर कुछ ही घंटों में डिस्चार्ज हो जाता है, तो इसकी वजह सिर्फ बैटरी की क्षमता नहीं होती। फोन की कुछ सेटिंग्स और बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स भी तेजी से पावर खर्च करते हैं। कुछ आसान बदलाव करके बैटरी बैकअप को बेहतर किया जा सकता है।
आज के समय में स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया, ऑनलाइन पेमेंट, नेविगेशन और मनोरंजन से लेकर कई जरूरी काम फोन के जरिए किए जाते हैं। ऐसे में फोन की बैटरी जल्दी खत्म होना बड़ी परेशानी बन सकता है। खासकर सफर के दौरान या बिजली चले जाने पर कम बैटरी चिंता बढ़ा देती है।
कई बार फोन की बैटरी तेजी से खत्म होने की वजह किसी खराबी के बजाय कुछ ऐसी सेटिंग्स होती हैं, जो लगातार पावर का इस्तेमाल करती रहती हैं। स्क्रीन की ज्यादा ब्राइटनेस, बैकग्राउंड में चलते ऐप्स, लोकेशन और ब्लूटूथ जैसी सर्विस के साथ वाइब्रेशन भी बैटरी की खपत बढ़ा सकते हैं। ऐसे में कुछ सेटिंग्स में बदलाव करके पावर बैकअप को बेहतर किया जा सकता है।
स्क्रीन की ब्राइटनेस रखें कंट्रोल में
फोन की स्क्रीन बैटरी खर्च करने वाले प्रमुख हिस्सों में से एक है। ऑटो-ब्राइटनेस फीचर आसपास की रोशनी के हिसाब से स्क्रीन की चमक बदलता रहता है। कई परिस्थितियों में स्क्रीन जरूरत से ज्यादा ब्राइट हो सकती है, जिससे पावर की खपत बढ़ती है। बेहतर बैटरी बैकअप के लिए स्क्रीन ब्राइटनेस को जरूरत के हिसाब से मैनुअली लो या मीडियम लेवल पर रखा जा सकता है। तेज रोशनी वाली जगह पर ही इसे बढ़ाना ज्यादा उपयोगी रहेगा।
बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स की करें जांच
किसी ऐप को इस्तेमाल करने के बाद स्क्रीन से हटा देने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि वह पूरी तरह बंद हो गया है। कई ऐप्स बैकग्राउंड में एक्टिव रहकर डेटा और बैटरी का इस्तेमाल करते रहते हैं। फोन की बैटरी सेटिंग में जाकर यह देखा जा सकता है कि कौन सा ऐप सबसे ज्यादा पावर इस्तेमाल कर रहा है। जिन ऐप्स की जरूरत नहीं है, उनके बैकग्राउंड एक्टिविटी या बैकग्राउंड यूसेज को प्रतिबंधित किया जा सकता है।
जरूरत न होने पर लोकेशन और ब्लूटूथ बंद रखें
लोकेशन सर्विस नेविगेशन, कैब बुकिंग और कई दूसरे ऐप्स के लिए जरूरी होती है। इसी तरह वायरलेस ईयरबड्स और अन्य डिवाइस के लिए ब्लूटूथ की जरूरत पड़ती है। लेकिन इस्तेमाल खत्म होने के बाद भी अगर ये सर्विस लगातार चालू रहती हैं, तो पावर की खपत बढ़ सकती है। इसलिए जब लोकेशन, ब्लूटूथ या वाई-फाई की जरूरत न हो, तो इन्हें बंद करने की आदत डालना बैटरी बचाने में मदद कर सकता है।
वाइब्रेशन और हैप्टिक फीडबैक कम करें
कॉल, मैसेज और नोटिफिकेशन के दौरान फोन का लगातार वाइब्रेट होना भी बैटरी का इस्तेमाल करता है। टाइपिंग के समय मिलने वाला हैप्टिक फीडबैक भी थोड़ी पावर खर्च करता है। अगर फोन की बैटरी तेजी से खत्म हो रही है, तो जरूरत के मुताबिक वाइब्रेशन और हैप्टिक फीडबैक को बंद या कम किया जा सकता है। खासकर बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन के लिए यह बदलाव उपयोगी हो सकता है।
ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करने वाले ऐप्स पर रखें नजर
कुछ सोशल मीडिया ऐप्स, वीडियो ऐप्स और हैवी गेम्स लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर बैटरी तेजी से खर्च कर सकते हैं। फोन की बैटरी सेटिंग में जाकर ऐसे ऐप्स की पहचान की जा सकती है।जिन ऐप्स का इस्तेमाल कम होता है, उनके बैकग्राउंड यूसेज को प्रतिबंधित किया जा सकता है। जरूरत के मुताबिक कुछ सेवाओं को मोबाइल ब्राउजर के जरिए इस्तेमाल करना भी बैटरी खपत कम करने का एक विकल्प हो सकता है।
नोटिफिकेशन भी कर सकते हैं बैटरी की खपत
हर नोटिफिकेशन आने पर स्क्रीन ऑन होना, आवाज आना या फोन का वाइब्रेट होना बैटरी का इस्तेमाल करता है। अगर फोन में बहुत ज्यादा ऐप्स के नोटिफिकेशन एक्टिव हैं, तो गैर-जरूरी नोटिफिकेशन को बंद किया जा सकता है। इससे फोन बार-बार स्क्रीन ऑन करने और अलर्ट देने से बचेगा। नतीजतन रोजमर्रा के इस्तेमाल में बैटरी पर पड़ने वाला अतिरिक्त लोड कम किया जा सकता है।
फोन की बैटरी जल्दी खत्म होने की समस्या को दूर करने के लिए सबसे पहले बैटरी यूसेज सेक्शन में यह देखना उपयोगी है कि सबसे ज्यादा पावर कौन सी चीज खर्च कर रही है। इसके बाद स्क्रीन ब्राइटनेस, बैकग्राउंड ऐप्स, लोकेशन, ब्लूटूथ, वाइब्रेशन और नोटिफिकेशन जैसी सेटिंग्स को जरूरत के अनुसार एडजस्ट किया जा सकता है।