Knews Desk– अगर आप होटल में रुकते हैं और वहां का Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। Microsoft ने यात्रियों को एक नए साइबर अटैक को लेकर अलर्ट किया है, जिसमें हैकर्स होटल और पब्लिक Wi-Fi नेटवर्क को ही अपना हथियार बना रहे हैं। यानी जिस Wi-Fi से आप आराम से इंटरनेट चला रहे हैं, उसी के जरिए आपका पासवर्ड, डेटा और यहां तक कि आपका पूरा डिवाइस भी खतरे में पड़ सकता है।माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, इस साइबर कैंपेन को ‘CaptiveCrunch’ नाम दिया गया है। इसमें हैकर्स होटल, कॉन्फ्रेंस सेंटर और दूसरी सार्वजनिक जगहों के Wi-Fi नेटवर्क को निशाना बना रहे हैं। ऐसे नेटवर्क पर अक्सर इंटरनेट इस्तेमाल करने से पहले लॉगिन करना पड़ता है या कुछ नियम स्वीकार करने होते हैं। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर हमलावर यूजर्स को फर्जी लॉगिन पेज पर पहुंचा सकते हैं।मान लीजिए आप होटल के Wi-Fi से कनेक्ट हुए और आपके सामने Microsoft का लॉगिन पेज खुला। देखने में सबकुछ बिल्कुल असली लगेगा, लेकिन हो सकता है कि वो हैकर्स का बनाया हुआ फर्जी पेज हो। जैसे ही आप अपना ईमेल, पासवर्ड या दूसरी जानकारी डालेंगे, ये डेटा सीधे हमलावरों के पास पहुंच सकता है।
लेकिन खतरा सिर्फ पासवर्ड चोरी तक सीमित नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, हमलावर यूजर्स को फर्जी सॉफ्टवेयर या ब्राउजर अपडेट के पेज पर भी भेज सकते हैं। स्क्रीन पर आपको दिखाई देगा कि आपके Windows, ब्राउजर या किसी जरूरी सॉफ्टवेयर का अपडेट जरूरी है। अगर आपने उस लिंक पर क्लिक करके फाइल डाउनलोड कर ली, तो आपके कंप्यूटर में खतरनाक मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है।इस कैंपेन में ‘Cornflake’ नाम के Windows आधारित Remote Access Trojan का भी पता चला है। यह मैलवेयर डिवाइस में पहुंचने के बाद हमलावरों को काफी हद तक रिमोट कंट्रोल दे सकता है। इसके जरिए फाइल और पासवर्ड जैसी निजी जानकारी चोरी की जा सकती है। यहां तक कि कीबोर्ड पर आप क्या टाइप कर रहे हैं, इसकी निगरानी भी की जा सकती है।सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि यह मैलवेयर सिस्टम में छिपे रहने की कोशिश करता है और Windows की वैध सर्विस या प्रोसेस जैसा दिख सकता है। इसका मतलब है कि यूजर को तुरंत पता भी नहीं चलेगा कि उसका कंप्यूटर किसी और के कंट्रोल में जा चुका है।
Microsoft ने Android यूजर्स को भी सावधान किया है। कुछ मामलों में खतरनाक वेब पेज यूजर्स को APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए कह सकते हैं। अगर आपने बिना जांचे ऐसी फाइल इंस्टॉल कर ली, तो मोबाइल का डेटा भी खतरे में पड़ सकता है।तो अगली बार जब आप होटल या किसी पब्लिक Wi-Fi से कनेक्ट हों, तो अचानक खुलने वाले लॉगिन पेज पर अपनी संवेदनशील जानकारी डालने से पहले जरूर जांच करें। किसी पॉप-अप से सॉफ्टवेयर अपडेट डाउनलोड न करें और अनजान APK फाइल इंस्टॉल करने से बचें।क्योंकि अब खतरा सिर्फ फर्जी लिंक तक नहीं है। आपके होटल का Wi-Fi ही हैकर्स के लिए आपके डिवाइस तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।