Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। भारत के सभी 10 सेमीफाइनलिस्ट अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंच गए हैं। इसके साथ ही बॉक्सिंग में भारत के कम से कम 10 सिल्वर मेडल पक्के हो गए हैं। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों की नजर अब सिल्वर पर नहीं, बल्कि गोल्ड मेडल पर टिकी है।
Knews Desk- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत अब तक कुल 23 पदक अपने नाम कर चुका है। बॉक्सिंग के 10 फाइनलिस्ट के कारण देश के पदकों की संख्या में कम से कम 10 और मेडल जुड़ना तय है। फाइनल मुकाबलों में जीत मिलने पर इनमें से कई सिल्वर मेडल गोल्ड में बदल सकते हैं।
महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग में अरुंधति चौधरी ने दिन की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने वेल्स की मौजूदा चैंपियन रोजी एक्लेस को 4-0 से मात देकर फाइनल का टिकट हासिल किया। अरुंधति ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और शुरुआती दो राउंड में अपनी प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बना ली। उनके आक्रामक खेल ने एक्लेस को ‘स्टैंडिंग काउंट’ लेने के लिए भी मजबूर किया। आखिरी राउंड में अरुंधति ने बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और गोल्ड मेडल की दौड़ में जगह बना ली।
जैस्मिन लैंबोरिया का दमदार प्रदर्शन
वर्ल्ड चैंपियन जैस्मिन लैंबोरिया ने महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। लेसोथो की रापेलैंग मासेलेला के खिलाफ जैस्मिन शुरुआत से ही पूरी तरह हावी नजर आईं। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को तीन बार ‘स्टैंडिंग काउंट’ लेने पर मजबूर किया।
दूसरे राउंड के अंत में रेफरी ने मुकाबला रोक दिया और जैस्मिन को RSC (रेफरी स्टॉप्स कॉन्टेस्ट) के जरिए विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ उन्होंने फाइनल में प्रवेश किया और गोल्ड मेडल के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।
लवलीना बोरगोहेन ने 5-0 से जीता मुकाबला
ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। महिलाओं के 75 किग्रा सेमीफाइनल में उन्होंने तुवालु की तारोना खानुम बादी पासोनी ताफाकी को 5-0 से शिकस्त दी।
लवलीना ने अपनी लंबाई और रीच का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए तीनों राउंड में मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। सटीक पंच और बेहतरीन मूवमेंट की बदौलत उन्होंने एकतरफा अंदाज में फाइनल का टिकट हासिल किया।
प्रीति, साक्षी और प्रिया भी गोल्ड की रेस में
महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में प्रीति पवार ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। प्रीति के तेज काउंटर अटैक के सामने म्वापे को शुरुआती दो राउंड में तीन बार ‘स्टैंडिंग काउंट’ लेना पड़ा। अब गोल्ड मेडल के मुकाबले में प्रीति का सामना कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से होगा।
वहीं, महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग में साक्षी चौधरी ने कनाडा की एम्बर जेन वॉल को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। प्रिया घांघस ने भी महिलाओं के 60 किग्रा सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लुसी किंग्स-व्हीटली को शिकस्त देकर गोल्ड मेडल मुकाबले में प्रवेश किया।
पुरुष मुक्केबाजों ने भी दिखाया दम
महिला मुक्केबाजों के साथ भारतीय पुरुष खिलाड़ियों ने भी रिंग में शानदार प्रदर्शन किया। जादुमनी सिंह ने 55 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में नामीबिया के पी.पी.एम. हाओसेब को मात देकर फाइनल में जगह बनाई।
पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंघाल ने घाना के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराया। शुरुआती दबाव के बाद अंकुश ने शानदार कॉम्बिनेशन पंच और बेहतरीन मूवमेंट के जरिए मुकाबले पर पकड़ बनाई और एकतरफा जीत दर्ज की।
हैवीवेट नरेंद्र ने भी फाइनल का टिकट किया पक्का
पुरुषों के 90+ किग्रा वर्ग में नरेंद्र ने त्रिनिदाद और टोबैगो के नाइजेल पॉल को 5-0 से शिकस्त दी। नरेंद्र ने शुरुआती राउंड से ही अनुशासित बॉक्सिंग करते हुए मुकाबले पर नियंत्रण रखा और अंत तक अपनी बढ़त कायम रखी।
नरेंद्र की जीत के साथ ही भारतीय बॉक्सिंग टीम ने सेमीफाइनल में अपना ‘परफेक्ट 10’ पूरा किया। भारत के सभी 10 मुक्केबाज अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतने में सफल रहे।
10 सिल्वर पक्के, अब गोल्ड की बारी
भारतीय मुक्केबाजों के इस प्रदर्शन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग को भारत के लिए सबसे मजबूत खेलों में शामिल कर दिया है। सभी 10 फाइनलिस्ट कम से कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर चुके हैं, लेकिन अब हर खिलाड़ी की कोशिश पोडियम पर सबसे ऊपर पहुंचकर तिरंगा लहराने की होगी।
फाइनल मुकाबलों में भारतीय मुक्केबाजों के पास इन 10 सिल्वर मेडल को गोल्ड में बदलने का मौका होगा। ऐसे में बॉक्सिंग के फाइनल मुकाबले भारत की पदक तालिका के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं।