Knews Desk- भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश देते हुए कहा कि विनेश फोगाट को ट्रायल्स में भाग लेने से नहीं रोका जा सकता। कोर्ट ने यह फैसला “खेल और न्याय के हित” में बताया।
दरअसल, रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने नई चयन नीति के तहत केवल 2025 और 2026 में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ट्रायल्स में शामिल होने की अनुमति दी थी। इस नियम के चलते विनेश फोगाट ट्रायल्स से बाहर हो गई थीं, क्योंकि उन्होंने मातृत्व अवकाश और निजी कारणों से लंबे समय तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लिया था।

इसके खिलाफ विनेश फोगाट ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने WFI के रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि किसी खिलाड़ी को मातृत्व अवकाश की वजह से बाहर करना खेल भावना के खिलाफ है। कोर्ट ने यह भी कहा कि खेल और खिलाड़ियों के भविष्य को किसी विवाद की वजह से नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विनेश फोगाट जैसी अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी को मौका मिलना चाहिए। कोर्ट ने WFI को निर्देश दिया कि उन्हें 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल्स में भाग लेने दिया जाए। ट्रायल्स की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मुकाबलों की वीडियो रिकॉर्डिंग और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विनेश फोगाट भारतीय कुश्ती की सबसे सफल महिला खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए कई पदक जीते हैं। हाल के वर्षों में WFI और पहलवानों के विवाद के बीच उनका नाम लगातार चर्चा में रहा है। अब कोर्ट के इस फैसले के बाद विनेश फोगाट की एशियन गेम्स में वापसी की उम्मीदें फिर से मजबूत हो गई हैं।